जयपुर। आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए जयपुर नगर निगम पूरी तरह से एक्शन मोड में है। गुरुवार को जयपुर नगर निगम के आयुक्त ओम कसेरा ने शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम का दौरा किया। उन्होंने विभागीय प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के सख्त निर्देश दिए, ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आयुक्त ने फोन पर सुनीं परिवादियों की समस्याएं
बैठक के दौरान आयुक्त ओम कसेरा ने केवल कागजी समीक्षा नहीं की, बल्कि हेल्पलाइन के माध्यम से सीधे परिवादियों (शिकायतकर्ताओं) से संपर्क साधा। उन्होंने बड़ी संवेदनशीलता के साथ फोन पर जनता की शिकायतें और उनका फीडबैक सुना। संवाद के दौरान नागरिकों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याएं आयुक्त के सामने रखीं:
- शहर में टूटी सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य।
- जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र में हुई नामों की गड़बड़ियों का सुधार।
- भूमि और मकानों के पट्टे जारी करने में आ रही अड़चनें।
- वार्डों और कॉलोनियों की सफाई व्यवस्था।
इन शिकायतों पर तुरंत कड़ा संज्ञान लेते हुए कसेरा ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आंकड़ों में नगर निगम का शानदार प्रदर्शन
समीक्षा बैठक के दौरान संपर्क पोर्टल के आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए, जो नगर निगम की कार्यप्रणाली की सकारात्मक तस्वीर पेश करते हैं। आंकड़ों के अनुसार, विभाग शिकायतों का निपटारा औसतन 18 दिनों के भीतर कर रहा है।
- पोर्टल पर कुल दर्ज शिकायतें: 91,753
- निस्तारित (सुझाई गई) शिकायतें: 87,884
- समस्या समाधान का सफलता प्रतिशत: 95.78%
मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम है 181 हेल्पलाइन
आयुक्त ओम कसेरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी सोच के कारण ‘राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन’ जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। उन्होंने शिकायतों की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग की आवश्यकता पर जोर दिया।
क्या है सरकार की नई पहल?
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रशासन को जवाबदेह बनाने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। इसके तहत आमजन से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से राज्य के सभी विभागों के सचिव और उच्चाधिकारी निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित हो रहे हैं। वे वहां बैठकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से प्रदेश का कोई भी नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कराकर समयबद्ध समाधान प्राप्त कर सकता है।
