जयपुर। महानिदेशक पुलिस (DGP) राजीव कुमार शर्मा के कड़े निर्देशों के बाद राजस्थान पुलिस ने सोमवार, 01 जून को पूरे प्रदेश में एक साथ व्यापक और सघन ‘मेगा नाकाबंदी’ अभियान चलाया। अपराध नियंत्रण, असामाजिक तत्वों पर पूरी तरह शिकंजा कसने और सड़कों पर यातायात नियमों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए गए इस एक दिवसीय विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने अपराधियों और नियम तोड़ने वालों पर चौतरफा प्रहार किया है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर) वीके सिंह ने अभियान के नतीजों की जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को राज्य के सभी रेंजों और कमिश्नरेट क्षेत्रों में कुल 1,103 रणनीतिक नाकाबंदी पॉइंट स्थापित किए गए थे। इन पॉइंट्स पर मुस्तैद पुलिस टीमों ने दिन-रात एक करते हुए कुल 74,872 वाहनों की सघन चेकिंग की, जिनमें 39,984 दुपहिया और 34,888 चौपहिया वाहन शामिल रहे। इस दौरान विभिन्न मामलों में संलिप्त कुल 226 आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ा एक्शन: 15 हजार से अधिक चालान
एडीजी सिंह ने बताया कि सड़कों पर लापरवाही बरतने और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ पुलिस ने बेहद सख्त रुख अपनाया। इस विशेष चेकिंग के दौरान कुल 15,083 चालान काटे गए। नियमों के तहत की गई श्रेणीवार प्रमुख कार्रवाइयां इस प्रकार रहीं:
- बिना हेलमेट: दुपहिया वाहन पर बिना हेलमेट जान जोखिम में डालने वाले 3,234 चालकों के चालान किए गए।
- नंबर प्लेट विसंगति: दोषपूर्ण या बिना नंबर प्लेट के घूम रहे 1,653 वाहनों पर कार्रवाई हुई।
- काली फिल्म: वाहनों के शीशों पर प्रतिबंधित काली फिल्म (Tinted Glass) लगाने के 1,643 मामले पकड़े गए।
- बिना सीट बेल्ट: चौपहिया वाहनों में सुरक्षा बेल्ट न लगाने वाले 1,648 लोगों को जुर्माना भुगतना पड़ा।
- ड्राइविंग के दौरान मोबाइल: वाहन चलाते समय फोन पर बात कर दुर्घटना को न्योता दे रहे 184 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
- अन्य श्रेणियां: अन्य विभिन्न यातायात उल्लंघनों के तहत 6,433 चालान बनाए गए।
इसके अलावा, सड़कों पर यमदूत बनकर दौड़ने वाले और शराब के नशे में वाहन चलाने वाले (Drink and Drive) 385 वाहन चालकों को भी पुलिस ने दबोचा और उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई।
अवैध हथियार, भारी नगदी और ड्रग्स की बड़ी बरामदगी
यातायात चेकिंग के साथ-साथ पुलिस थानों और रेंज टीमों ने संदिग्ध गतिविधियों और तस्करों पर भी पैनी नजर रखी। इस दौरान गंभीर विसंगतियां पाए जाने पर 11 वाहनों को मौंके पर ही जब्त कर लिया गया। वहीं, पूरे प्रदेश में कुल 73 नए आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार) के 4 मामले, आबकारी अधिनियम (अवैध शराब) के 30, एनडीपीएस एक्ट (मादक पदार्थ तस्करी) के 2 तथा अन्य विशेष एवं स्थानीय कानूनों के तहत दर्ज 37 मामले शामिल हैं।
दर्ज मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 63 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि शांति व्यवस्था भंग करने और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर 163 व्यक्तियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत हिरासत में लिया गया।
धरपकड़ के दौरान रेंजों में हुई प्रमुख बरामदगियां:
- जयपुर रेंज: सबसे बड़ी वित्तीय रिकवरी करते हुए 5 संदिग्ध वाहन और 25.50 लाख रुपये की बेहिसाबी नगदी जब्त की गई।
- भरतपुर रेंज: अवैध रेत खनन व परिवहन में लिप्त ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सीज किया गया और भारी मात्रा में देशी शराब पकड़ी गई।
- कोटा रेंज: नाकाबंदी के दौरान अवैध डोडा चूरा (मादक पदार्थ), भारी मात्रा में अवैध शराब, वाहन और तेज आवाज वाले स्पीकर एम्प्लीफायर जब्त किए गए।
- बीकानेर रेंज: अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कई वाहन पुलिस ने कब्जे में लिए।
रेंजों का प्रदर्शन: जयपुर और उदयपुर रहे सबसे आगे
इस मेगा नाकाबंदी अभियान में प्रदेश की ‘जयपुर रेंज’ हर मोर्चे पर सबसे आगे और आक्रामक रही। जयपुर रेंज में पुलिस ने रिकॉर्ड 13,589 वाहनों की जांच की और सबसे ज्यादा 2,492 चालान बनाए।
वाहन जांच और चालान का रेंजवार रिपोर्ट कार्ड:
| रेंज/कमिश्नरेट | बनाए गए कुल चालान | जांचे गए कुल वाहन |
| जयपुर रेंज | 2,492 | 13,589 |
| अजमेर रेंज | 2,229 | 10,205 |
| भरतपुर रेंज | 2,145 | 9,081 |
| उदयनगर रेंज | 2,051 | 12,234 |
| कोटा रेंज | 1,796 | डेटा अप्राप्त |
| बीकानेर रेंज | 1,572 | डेटा अप्राप्त |
| जोधपुर रेंज | 1,470 | 8,079 |
| जयपुर कमिश्नरेट | 990 | कमिश्नरेट क्षेत्र |
| जोधपुर कमिश्नरेट | 338 | कमिश्नरेट क्षेत्र |
राजस्थान पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस प्रकार के औचक और बड़े स्तर के नाकाबंदी अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेंगे, ताकि प्रदेश में आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें और अपराधियों में कानून का खौफ बना रहे।
