जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम में शुक्रवार को सुरक्षा एजेंसियों की अचानक हुई हलचल से कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। एटीएस (ATS), बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad), डॉग स्क्वॉड और पुलिस की विशेष टीमों ने स्टेडियम परिसर में एक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि, बाद में यह स्पष्ट हुआ कि यह सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई एक मॉक ड्रिल थी।
अचानक कार्रवाई से मचा हड़कंप, साउथ ब्लॉक कराया खाली

शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे लाव-लश्कर के साथ अचानक एसएमएस स्टेडियम पहुंचीं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सबसे पहले स्टेडियम के मुख्य प्रवेश द्वार को बंद करवा दिया गया।
कार्रवाई के दौरान राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद (खेल परिषद) के कर्मचारियों को उनके कार्यालयों से बाहर निकाला गया और स्टेडियम के साउथ ब्लॉक को पूरी तरह से खाली करवा लिया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से स्टेडियम में मौजूद खिलाड़ियों, कोच और अन्य स्टाफ सदस्यों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह सुरक्षा अभ्यास लगभग 2 घंटे तक चला।
डॉग और बम स्क्वॉड ने की चप्पे-चप्पे की सघन तलाशी
मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी कार्यप्रणाली और आपातकालीन प्रतिक्रिया (Response Time) का कड़ाई से परीक्षण किया।
- डॉग स्क्वॉड: टीम ने साउथ ब्लॉक और उसके आसपास के इलाकों के चप्पे-चप्पे की बारीकी से तलाशी ली।
- बम निरोधक दस्ता और एटीएस: इन टीमों ने पूरे परिसर में संदिग्ध वस्तुओं की जांच की और सुरक्षा व्यवस्थाओं का तकनीकी रूप से जायजा लिया।
सुरक्षा एजेंसियों ने एक तय समय सीमा के भीतर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के अपने कौशल का अभ्यास किया।

पहले भी मिल चुकी हैं बम से उड़ाने की धमकियां
गौरतलब है कि सवाई मानसिंह स्टेडियम को पूर्व में भी बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि, जांच के बाद वे सभी धमकियां फर्जी (Hoax) साबित हुई थीं।
सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि शुक्रवार को चलाया गया यह सर्च ऑपरेशन केवल एक नियमित मॉक ड्रिल का हिस्सा था या फिर किसी विशेष खुफिया इनपुट (Security Input) के आधार पर यह एहतियाती कदम उठाया गया था।
