विश्व रक्त कैंसर दिवस 2026: शरीर पर बिना वजह नीले निशान और लगातार थकान हो सकते हैं ब्लड कैंसर के शुरुआती संकेत

नई दिल्ली। भागदौड़ भरी जिंदगी में काम के बाद होने वाली थकान या गलती से टेबल से टकराने पर लगी छोटी-मोटी चोट को हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना किसी स्पष्ट कारण के शरीर पर चोट के नीले निशान पड़ना, आराम करने के बाद भी थकान बने रहना और बार-बार बीमार पड़ना किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है? आज (28 मई 2026) विश्व रक्त कैंसर दिवस (World Blood Cancer Day) के अवसर पर, चिकित्सा विशेषज्ञ लोगों को रक्त कैंसर (Blood Cancer) के इन्हीं छिपे हुए और शुरुआती लक्षणों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) के अनुसार, रक्त कैंसर मुख्य रूप से अस्थि मज्जा (Bone Marrow) या लसीका ग्रंथियों (Lymph Nodes) में विकसित होता है। इसके सबसे आम प्रकारों में ल्यूकेमिया (Leukemia), लिंफोमा (Lymphoma) और मायलोमा (Myeloma) शामिल हैं। ये कैंसर शरीर में रक्त के उत्पादन और प्रतिरक्षा प्रणाली को बाधित कर देते हैं, जिससे शरीर की संक्रमण से लड़ने, ऑक्सीजन ले जाने और रक्तस्राव को रोकने की क्षमता कम हो जाती है।

1. बिना वजह चोट के नीले निशान और ब्लीडिंग

आर्टेमिस हॉस्पिटल (गुरुग्राम) के हेमेटोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट विभाग के प्रमुख डॉ. राहुल नैथानी बताते हैं कि कई मरीज अक्सर शरीर पर पड़ने वाले नीले निशानों को कमजोरी, बढ़ती उम्र या सामान्य चोट मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।

  • वैज्ञानिक कारण: डॉ. नैथानी के अनुसार, “रक्त कैंसर के शुरुआती लक्षणों में बिना किसी गंभीर चोट के त्वचा पर नीले निशान पड़ना शामिल है, जिन्हें ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कैंसर के कारण शरीर में असामान्य रक्त कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं और रक्त का थक्का जमाने वाली स्वस्थ प्लेटलेट्स (Platelets) की संख्या तेजी से गिर जाती है।”
  • इसके अलावा त्वचा पर छोटे लाल या बैंगनी रंग के चकत्ते, नाक से अचानक खून आना और मसूड़ों से खून बहना भी इसके प्रमुख संकेत हैं।

2. ऐसी थकान जो आराम करने से भी दूर न हो

कैंसर का एक और अनदेखा लक्षण अत्यधिक थकान है। यह सामान्य दिनचर्या की थकावट से बिल्कुल अलग होती है, जो अच्छी नींद या भरपूर आराम के बाद भी खत्म नहीं होती।

  • वैज्ञानिक कारण: NIH की रिपोर्ट के अनुसार, रक्त कैंसर स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) की संख्या को कम कर देता है, जिससे मरीज को एनीमिया (Anemia) हो जाता है।
  • इसके कारण कमजोरी, जरा सा चलने पर सांस फूलना, चक्कर आना और त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

3. बार-बार संक्रमण (Infection) होना

अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य बार-बार बीमार पड़ रहा है, तो यह कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली का संकेत हो सकता है।

  • वैज्ञानिक कारण: रक्त कैंसर के कारण शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाओं (White Blood Cells) का स्तर काफी कम हो जाता है। ये कोशिकाएं ही बैक्टीरिया और वायरस से लड़ती हैं। इनके कम होने से शरीर बाहरी संक्रमणों का आसानी से शिकार हो जाता है।
  • अन्य गंभीर संकेत: लगातार हल्का या तेज बुखार रहना, लसीका ग्रंथियों (Lymph nodes) में सूजन (जैसे गर्दन या अंडरआर्म्स में गांठ), रात में सोते समय बहुत ज्यादा पसीना आना और बिना डाइटिंग किए अचानक वजन कम होना।

समय पर पहचान ही है सबसे बड़ा बचाव

डॉ. नैथानी इस बात पर विशेष जोर देते हैं कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी में शीघ्र निदान (Early Diagnosis) ही सफल उपचार की कुंजी है। आज की आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में रूटीन ब्लड टेस्ट (CBC), बोन मैरो टेस्ट और इमेजिंग परीक्षणों के माध्यम से बीमारी के गंभीर होने से पहले ही इसका पता लगाया जा सकता है।

विशेषज्ञों की स्पष्ट सलाह है कि यदि किसी व्यक्ति को शरीर में लंबे समय तक थकान, बिना वजह चोट के निशान या बार-बार संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे मौसम का बदलाव या सामान्य कमजोरी मानकर टालें नहीं, बल्कि तुरंत किसी योग्य चिकित्सक या हेमेटोलॉजिस्ट से संपर्क करें। विश्व रक्त कैंसर दिवस का मुख्य उद्देश्य भी यही है कि सही समय पर लक्षणों की पहचान कर कीमती जानें बचाई जा सकें।

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