नीट पेपर लीक: “बड़े रसूखदारों को बचा रही है पुलिस”, कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी का सनसनीखेज दावा; जांच तेज

दिल्ली। नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस पूरे घोटाले के ‘रूट मैप’ को डिकोड कर लिया है। जांच में सामने आया है कि प्रश्नपत्र की गोपनीयता को सबसे पहले पुणे में भंग किया गया था, जहां से इसकी हार्ड कॉपी कुरियर के जरिए आगे भेजी गई। हालांकि, इस हाई-टेक रैकेट के खुलासे की सबसे बड़ी वजह एक छात्र द्वारा मोबाइल से खींची गई प्रश्नपत्र की फोटो बनी, जो डिजिटल माध्यमों से वायरल हो गई। सीबीआई ने इस मामले में राजस्थान के जयपुर से एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

डिजिटल माध्यम बना काल

सीबीआई की जांच के अनुसार, पेपर लीक की पटकथा पुणे में एक आयुर्वेदिक चिकित्सक के पास से शुरू हुई थी। चिकित्सक ने प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी नासिक के शुभम खैरनार को कुरियर की। शुभम ने चतुराई दिखाते हुए इस पेपर की तस्वीरें खींचीं और उन्हें गुरुग्राम (हरियाणा) में अपने एक संपर्क सूत्र को भेज दिया। इसके बाद व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए यह पेपर आग की तरह राजस्थान और हरियाणा के कोचिंग नेटवर्क में फैल गया। जांच एजेंसी का मानना है कि मोबाइल से फोटो शेयर करना ही इस गिरोह की सबसे बड़ी रणनीतिक चूक साबित हुई।

बीवाल परिवार और संदिग्ध मेडिकल करियर

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला नाम जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी बिंवाल परिवार का आया है। सीबीआई ने दिनेश बिंवाल , उसके भाई मांगीलाल और भतीजे विकास को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पता चला कि इस परिवार के चार बच्चे पहले ही 2025 में नीट पास कर चुके हैं और वर्तमान में प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे हैं। अब संदेह है कि क्या उनके पुराने दाखिले भी इसी तरह की धांधली का हिस्सा थे? आरोप है कि दिनेश ने सीकर जाकर पेपर हासिल किया और कम से कम 10 अन्य लोगों तक इसे पहुंचाया।

सीकर के ‘व्हिसलब्लोअर’ शिक्षक की भूमिका

इस महाघोटाले का भंडाफोड़ किसी जांच एजेंसी ने नहीं, बल्कि सीकर के एक सजग कोचिंग शिक्षक ने किया। शिक्षक ने गौर किया कि बाजार में ‘गेस पेपर’ के नाम पर बेचे जा रहे सवाल असली नीट पेपर से हूबहू मिल रहे थे। उन्होंने तुरंत 8 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को ईमेल कर इसकी चेतावनी दी। इसके बाद जयपुर एसओजी (SOG) ने शुरुआती जांच की और मामला सीबीआई को सौंप दिया गया।

कोर्ट में ड्रामा: बड़े लोगों को बचाने का आरोप

बुधवार को जब सीबीआई ने चारों मुख्य आरोपियों को जयपुर की अदालत में पेश किया, तो वहां हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाए जाते समय एक आरोपी ने मीडिया के कैमरों के सामने चिल्लाकर कहा कि जांच एजेंसियां केवल आम लोगों को फंसा रही हैं और पर्दे के पीछे बैठे बड़े रसूखदार सफेदपोशों को बचाया जा रहा है। फिलहाल, सीबीआई आरके कंसल्टेंसी के राकेश मंडावरिया और इस चैन की शुरुआती कड़ियों की तलाश में देशभर में छापेमारी कर रही है।

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