NEET पेपर लीक: CBI को मिला आरोपियों का ट्रांजिट रिमांड, जज के घर हुई पेशी

जयपुर | नीट-2026 पेपर लीक केस को लेकर सीबीआई (CBI) और एसओजी (SOG) की साझा कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है। मामले में हिरासत में लिए गए चार संदिग्धों को बुधवार को जयपुर के दुर्गापुरा स्थित न्यायिक अधिकारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा के निवास पर पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों का एक दिन का ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर लिया है। रिमांड मिलने के बाद सीबीआई की टीम संदिग्धों को कड़ी सुरक्षा के बीच अपने साथ लेकर रवाना हो गई।

एसओजी मुख्यालय में 10 घंटे का ‘मैराथन’ मंथन

कोर्ट में पेशी से पहले, संदिग्धों से जयपुर स्थित SOG मुख्यालय में करीब 9 से 10 घंटे तक गहन पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार, जाँच एजेंसियों ने पेपर लीक के स्रोत, संपर्क सूत्रों और इस रैकेट में शामिल अन्य कड़ियों को लेकर सवाल दागे। पेशी के दौरान मीडिया के कैमरों से बचने के लिए आरोपियों ने अपने चेहरे ढंक रखे थे।

जाँच का दायरा: डिजिटल साक्ष्य और कोचिंग कनेक्शन

जाँच एजेंसियाँ अब इस पूरे नेटवर्क के अंतरराज्यीय कनेक्शन (Interstate Connection) और संभावित मास्टरमाइंड तक पहुँचने के लिए निम्नलिखित पहलुओं पर फोकस कर रही हैं:

  • डिजिटल साक्ष्य: आरोपियों के मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और व्हाट्सएप चैट को खंगाला जा रहा है।
  • आर्थिक लेन-देन: पेपर के बदले हुए पैसों के लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
  • कोचिंग सिंडिकेट: जाँच का एक मुख्य एंगल राजस्थान के नामी कोचिंग सेंटर्स के साथ संदिग्धों के संभावित जुड़ाव की ओर भी इशारा कर रहा है।

सप्लाई चैन और राज्यों तक फैला नेटवर्क

जाँच एजेंसियों का प्राथमिक उद्देश्य अब यह पता लगाना है कि प्रश्नपत्र किस स्तर से लीक हुआ (प्रिंटिंग प्रेस, ट्रांसपोर्ट या परीक्षा केंद्र) और किन लोगों ने इसकी सप्लाई चेन तैयार की। आशंका जताई जा रही है कि इस सिंडिकेट का नेटवर्क कई पड़ोसी राज्यों तक फैला हुआ है।

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