करौली | अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के आह्वान पर प्रदेश के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों और शिक्षा विभाग की नीतियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। आगामी 14 मई, गुरुवार को दोपहर 1 बजे से जिले की समस्त तहसीलों में ‘शिक्षक आक्रोश प्रदर्शन’ आयोजित किया जाएगा। प्रदर्शन के पश्चात उपखण्ड अधिकारी और तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
आंदोलन की पृष्ठभूमि और आक्रोश का कारण
संगठन के जिला प्रवक्ता राजेन्द्र दीवान के अनुसार, प्रदेशभर के शिक्षकों में सरकार की नीतियों और लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान न होने के कारण गहरा असंतोष है। बार-बार प्रयासों के बावजूद कोई सकारात्मक कार्रवाई न होने के कारण शिक्षक अब सड़कों पर उतरने के लिए विवश हो गए हैं। संगठन का मानना है कि यह संघर्ष केवल शिक्षकों के हितों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए है।
शिक्षकों की प्रमुख मांगें:
महासंघ ने सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगों को प्रमुखता से उठाया है:
- अवकाश और सेवा नियम: ग्रीष्मकालीन अवकाश में की गई कटौती को तुरंत वापस लिया जाए। यदि कार्य दिवस बढ़ाए जाते हैं, तो राजस्थान सेवा नियम (RSR) के तहत शिक्षकों को उपार्जित अवकाश (PL) प्रदान किया जाए।
- स्थानांतरण नीति: तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पिछले 8 वर्षों से लंबित तबादलों के लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनाकर जल्द से जल्द स्थानांतरण किए जाएं।
- वेतन और पदोन्नति: प्रबोधकों एवं अन्य शिक्षकों की वेतन विसंगतियां दूर की जाएं और संविदा शिक्षकों को नियमित किया जाए।
- पदों का आवंटन: क्रमोन्नत विद्यालयों में व्याख्याता एवं प्रधानाचार्य के पदों का आवंटन कर रिक्तियों को शीघ्र भरा जाए।
- काउंसलिंग प्रक्रिया: वर्तमान व्याख्याता काउंसलिंग को रद्द कर पूरे रिक्त पदों को प्रदर्शित किया जाए और पुनः काउंसलिंग प्रक्रिया आयोजित की जाए।
- स्वास्थ्य सेवाएँ: RGHS योजना में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर कर निजी अस्पतालों में सुगम कैशलेस उपचार सुनिश्चित किया जाए।
एकजुटता का आह्वान
महासंघ के जिला अध्यक्ष गिरधारी लाल नामा और महामंत्री गोविन्द देव मीना ने जिले के समस्त शिक्षकों से इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शिक्षक एकता के माध्यम से ही अधिकारों की आवाज को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकता है।
