उदयपुर। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने उदयपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग (State Insurance and Provident Fund Department) के एक वरिष्ठ सहायक (Senior Assistant) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी शेखर मथुरिया ने एक मृत शिक्षिका के डेथ क्लेम को पास करने और राशि बढ़ाने के एवज में लाखों रुपये की मांग की थी।
7.50 लाख से शुरू हुई थी घूस की डिमांड
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के अनुसार, ब्यूरो की इंटेलिजेंस यूनिट को शिकायत मिली थी कि परिवादी की भांजी, जो एक सरकारी शिक्षिका थी, की मृत्यु के बाद उसके डेथ क्लेम को क्लियर करने के लिए आरोपी शेखर मथुरिया परेशान कर रहा था। आरोपी ने क्लेम फाइलों की कमियों को दूर करने और ज्यादा क्लेम राशि पास करवाने के बदले शुरुआत में 7,50,000 रुपये की भारी-भरकम रिश्वत मांगी थी।
1.50 लाख में तय हुई डील, पहली किस्त लेते धराया
शिकायत के बाद एसीबी ने 11 मई को मामले का गोपनीय सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान आरोपी सीनियर असिस्टेंट 1,50,000 रुपये लेने पर सहमत हो गया। रणनीति के तहत 12 मई को जब परिवादी रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1,00,000 रुपये देने पहुंचा, तो एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी शेखर मथुरिया को रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथ दबोच लिया।
आगे की कार्रवाई जारी
गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीमें आरोपी के आवास और अन्य ठिकानों पर तलाशी (Search) ले रही हैं। ब्यूरो को आशंका है कि इस भ्रष्टाचार के खेल में विभाग के कुछ अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
एसीबी की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत एसीबी के हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।
