अवैध निर्माणों पर ‘Expose Now’ का बड़ा खुलासा: मिरर फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, पूछा- भ्रष्ट अफसरों पर कब गिरेगी गाज?

जयपुर। देशभर में अवैध निर्माणों और भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत पर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की सख्त टिप्पणियों के बाद अब राजस्थान में भी इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। सामाजिक सरोकारों और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय मिरर फाउंडेशन ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है कि आखिर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और आदेशों के बाद अब तक प्रदेश में कितनी अवैध इमारतों पर कार्रवाई हुई? कितने निर्माण ध्वस्त किए गए और किन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई?

मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भेजा शिकायत पत्र

मिरर फाउंडेशन ने ‘Expose Now’ में प्रकाशित खबर पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, नगरीय विकास विभाग (UDH) और स्थानीय निकाय विभाग सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को विस्तृत शिकायत पत्र भेजा है। फाउंडेशन ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

मिरर फाउंडेशन के सचिव चन्द्रशेखर कच्छवा ने कहा कि Expose Now‘ में प्रकाशित खबर ने प्रदेश में फैले अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार के गठजोड़ की गंभीर तस्वीर सामने रखी है। यदि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अवैध निर्माण जारी हैं, तो यह प्रशासनिक विफलता और भ्रष्ट तंत्र की ओर इशारा करता है।

भ्रष्टाचार की इमारतें और अधिकारियों की ‘सेटिंग’

चन्द्रशेखर कच्छावा ने तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के कई शहरों में अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, बहुमंजिला भवन और कॉलोनियां नियमों के विपरीत खुलेआम खड़ी की जा रही हैं। बिना नक्शा स्वीकृति और सेटबैक उल्लंघन के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं। आरोप है कि कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध निर्माणकर्ताओं को संरक्षण मिल रहा है।

मिरर फाउंडेशन की प्रमुख मांगें:

  1. सर्वे: सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार प्रदेशभर में हुए अवैध निर्माणों का नया सर्वे कराया जाए।
  2. सार्वजनिक रिपोर्ट: अब तक ध्वस्त की गई अवैध इमारतों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
  3. जवाबदेही: जिन अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत सामने आए, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो।
  4. जांच: नगर निगम, नगर परिषद और विकास प्राधिकरणों की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच हो।
  5. पारदर्शिता: आमजन की शिकायतों के लिए एक पारदर्शी मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया जाए।

‘एक्सपोज़ नाउ’ की खबर के बाद बढ़ी हलचल

प्रदेश में “अफसरों की ‘सेटिंग’ से खड़ी हुई अवैध इमारतें” शीर्षक से Expose Now पर खबर प्रकाशित होने के बाद सामाजिक संगठनों और नागरिकों में चर्चा तेज हो गई है। मिरर फाउंडेशन ने चेतावनी दी है कि यह केवल भवन निर्माण का मामला नहीं बल्कि नागरिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में होने वाले हादसों की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

मिरर फाउंडेशन ने स्पष्ट किया कि वे जनहित और पारदर्शिता के लिए अपना अभियान जारी रखेंगे और सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना के लिए विवश करेंगे।

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