मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ऑनलाइन ठगी जैसे अपराधों को रोकने के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की स्थापना करने जा रही है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित होंगी:
- AI आधारित विश्लेषण: साइबर अपराधों के पैटर्न को समझने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा।
- साइबर हेल्प डेस्क: वर्तमान में सभी थानों में हेल्प डेस्क स्थापित किए जा चुके हैं, जिन्हें भविष्य में पूर्ण पुलिस स्टेशनों में बदला जाएगा।
- जागरूकता अभियान: अब तक 10 हजार से अधिक कार्यक्रमों के जरिए 12 लाख लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा चुका है।
न्यायिक प्रणाली का विस्तार और नए न्यायालय
सीएम ने बताया कि सरकार ने न्याय को सुलभ बनाने के लिए 42 नए न्यायालय स्थापित किए हैं। फलौदी, बाड़मेर, डीग और कोटपूतली-बहरोड़ जैसे क्षेत्रों में जिला एवं सेशन न्यायालय खोले गए हैं। साथ ही, पॉक्सो (POCSO) एक्ट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विशेष अदालतों का गठन किया गया है ताकि पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सके।
पीड़ितों को आर्थिक सहायता और विधिक मदद
राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम’ के तहत 4 हजार पीड़ितों को 85 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा, करीब 27 हजार लोगों को विधिक सहायता और 77 लाख लोगों को विधिक साक्षरता शिविरों के माध्यम से कानूनी जानकारी उपलब्ध करवाई गई है। सीएम ने लोक अभियोजकों से दिव्यांगों के प्रति अधिक संवेदनशील बनने का भी आह्वान किया।
