राजस्थान में नर्सिंग भर्ती की प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राजस्थान नर्सेज भर्ती संघर्ष समिति के आह्वान पर आज राजधानी जयपुर स्थित स्वास्थ्य भवन पर सैकड़ों संविदा कार्मिकों ने उग्र प्रदर्शन किया। हालात तब तनावपूर्ण हो गए जब प्रदर्शनकारी कार्मिकों ने आक्रोश में आकर स्वास्थ्य भवन के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और वहीं धरने पर बैठ गए।
पुलिस छावनी बना स्वास्थ्य भवन
आंदोलनकारियों के बढ़ते गुस्से और भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य द्वार को बंद कर अंदर ही डेरा डाल दिया है और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। संविदा कर्मियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।
क्या है मुख्य मांग?
नर्सिंग संविदा कार्मिकों की मांग है कि आगामी नर्सिंग ऑफिसर एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ANM) की सीधी भर्ती को ‘मेरिट और बोनस’ अंकों के आधार पर ही आयोजित किया जाए।

आंदोलनकारियों के मुख्य तर्क:
- वर्षों की सेवा: कार्मिकों का कहना है कि वे पिछले कई सालों से प्रदेश की मेडिकल संस्थाओं में बेहद अल्प वेतन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
- एग्जाम का विरोध: हाल ही में चर्चाएं गर्म हैं कि विभाग इस भर्ती को लिखित परीक्षा (Exam) के माध्यम से कराने की योजना बना रहा है। कार्मिकों के अनुसार, यह उन हेल्थ वर्कर्स के साथ अन्याय होगा जिन्होंने महामारी और कठिन समय में अस्पतालों को संभाला है।
- नियमितीकरण की उम्मीद: हजारों संविदा कर्मियों को उम्मीद थी कि सरकार उनके अनुभव के आधार पर बोनस अंक देकर उन्हें नियमित करेगी।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, “यदि हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में प्रदेशभर के संविदा और ठेका कार्मिक कार्य बहिष्कार कर एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने को मजबूर होंगे।”
फिलहाल, स्वास्थ्य भवन पर गतिरोध बना हुआ है और कार्मिक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग और सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।
