राजस्थान में बम विस्फोट की धमकियों का बढ़ा ग्राफ: सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चुनौती

राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बम विस्फोट की धमकियों के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विधानसभा में विधायक के सवाल के जवाब में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, जहां वर्ष 2022 और 2023 में ऐसी कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई थी, वहीं वर्ष 2024 में 40 और 2025 में यह संख्या बढ़कर 69 तक पहुंच गई। चालू वर्ष 2026 में भी जनवरी से मई के शुरुआती हफ्ते तक करीब 40 धमकियां मिल चुकी हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर चुनौती है। इन धमकियों में सबसे अधिक निशाना स्कूलों, एयरपोर्ट, हाई कोर्ट और कलक्ट्रेट परिसरों को बनाया गया है। प्रदेश की राजधानी जयपुर इन मामलों में सबसे अधिक प्रभावित रही है, जहां पिछले दो वर्षों में कुल 58 धमकियां मिली हैं। इसके बाद जोधपुर, कोटा और अजमेर जैसे शहरों का स्थान है।

जांच में सामने आया है कि अधिकतर धमकियां ई-मेल और सोशल मीडिया जैसे डिजिटल माध्यमों से दी जा रही हैं। हालांकि, इनमें से अधिकांश सूचनाएं जांच के बाद फर्जी (होक्स) पाई गईं, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत प्रशासन को हर धमकी पर गंभीरता से कार्रवाई करनी पड़ती है। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा इंतजाम पुख्ता कर दिए हैं। वर्तमान में जयपुर, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर सहित सात प्रमुख स्थानों पर बम निरोधक दस्ते तैनात हैं। इसके अलावा, सरकारी और गैर-सरकारी भवनों को मिलने वाली डिजिटल धमकियों की विशेष जांच के लिए एक मॉनिटरिंग यूनिट का गठन किया गया है, जो तकनीकी माध्यमों से दोषियों की पहचान करने में जुटी है।

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