राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में खाकी को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। सादुलशहर सेल में तैनात एक हवलदार, जिसे नशे के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, वही ड्रग माफिया का सबसे बड़ा मददगार निकला। पुलिस ने आरोपी हवलदार मंगतराम को निलंबित कर दिया है।
ड्रग माफिया के इशारे पर नाच रही थी पुलिस
हवलदार मंगतराम पर आरोप है कि वह पुलिस की हर गतिविधि की जानकारी तस्करों तक पहुँचाता था। जब भी पुलिस टीम तस्करों को पकड़ने के लिए कॉल लोकेशन या अन्य तकनीकी विवरण मांगती, मंगतराम जानबूझकर गलत सूचना देता था ताकि तस्कर सुरक्षित भाग सकें।
35 दिनों में 172 किलो हेरोइन की तस्करी
जांच में खुलासा हुआ है कि पंजाब के तस्करों के साथ मिलकर इस गिरोह ने पिछले 35 दिनों के भीतर करीब 172 किलो से ज्यादा हेरोइन सरहद पार से मंगवाई है। यह नशा पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में गिराया जा रहा था। हाल ही में एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान पंजाब के 5 तस्करों को पकड़ा गया, जिनसे पूछताछ में हवलदार मंगतराम की संलिप्तता की पुष्टि हुई।
ड्रोन से गिराई गई थी 10.8 किलो हेरोइन
गत 26 मार्च 2026 को रावला थाना क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन द्वारा 10.8 किलो हेरोइन गिराई गई थी। उस दौरान भी हवलदार ने पुलिस टीम को गुमराह कर तस्करों को भागने में मदद की थी। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, मंगतराम का सर्विस रिकॉर्ड भी संदिग्ध रहा है और वह तस्करों के सीधे संपर्क में था।
हथियारों की खेप भी बरामद
इस खुलासे से एक दिन पहले ही भारत-पाक सीमा पर ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियारों और नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप भी पकड़ी गई थी। पुलिस ने नाकेबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से पिस्तौल, कारतूस और हेरोइन बरामद हुई थी। फिलहाल, पुलिस इस पूरे नेक्सस की गहराई से जांच कर रही है ताकि विभाग में छिपे अन्य ‘भेदियों’ का पता लगाया जा सके।
