टोंक जिला पुलिस ने कर्तव्य के प्रति अटूट साहस का परिचय देने वाले आरक्षी भागचन्द सैनी की हत्या के सनसनीखेज मामले का मात्र 12 घंटे की अल्प अवधि में पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने हत्या में शामिल दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त टोपीदार बंदूक और अन्य सामग्री बरामद की है।
ड्यूटी के दौरान बदमाशों से मुठभेड़
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा ने बताया कि 2 मई की रात आरक्षी भागचन्द सैनी सरकारी मोटरसाइकिल लेकर ककोड चौकी से रात्रिकालीन गश्त पर निकले थे। गश्त के दौरान रूपवास मोड़ के पास उनका सामना अवैध हथियारों से लैस शिकारियों से हुआ। संदिग्ध गतिविधियाँ देख भागचन्द ने अदम्य साहस दिखाते हुए उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे बौखलाकर आरोपियों ने आरक्षी के सीने पर नजदीक से गोली मार दी और मौके से फरार हो गए।
सुनियोजित तरीके से दी कार्रवाई को अंजाम
3 मई की सुबह आरक्षी का शव मिलने पर महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मीणा के निर्देशन में एएसपी रतन लाल भार्गव व डीएसपी आकांक्षा कुमारी के नेतृत्व में 04 विशेष टीमों का गठन किया गया। एफएसएल (FSL) और साइबर सेल की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- राजेश मीणा (32): निवासी मोटीस की झोपड़ियां, थाना उनियारा, जिला टोंक।
- दिलराज मीणा (32): निवासी भट्टो का नयागांव, थाना नैनवा, जिला बूंदी।
बरामद सामग्री: आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त एक टोपीदार बंदूक, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, छर्रे, बारूद और एक छुर्रा बरामद किया गया है।
सराहनीय टीम वर्क
ब्लाइंड मर्डर की इस गुत्थी को सुलझाने में बनेठा एसएचओ भागीरथ सिंह, अलीगढ़ एसएचओ राजकुमार, डीएसटी (DST) प्रभारी ओम प्रकाश और साइबर सेल प्रभारी सुरेश चावला की टीमों ने उत्कृष्ट समन्वय दिखाया। पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि शिकार और अवैध हथियारों के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके।
