श्रीगंगानगर: राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर से एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। भारत और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बढ़ती राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और घुसपैठ की आशंकाओं के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। इसी के चलते जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमित यादव ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए, सरहद से सटे 3 किलोमीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
शाम 7 से सुबह 6 तक पूर्ण पाबंदी
5 मई 2026 को जारी इस आदेश के बाद अब सीमावर्ती इलाकों में शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने कुछ कड़े नियम तय किए हैं:
“यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।”
- आवागमन पर रोक: रात 7 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक किसी भी आम नागरिक का सीमा से सटे 3 किमी क्षेत्र में घूमना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसका मतलब है कि इन 11 घंटे तक यहां ‘लॉकडाउन’ जैसी स्थिति बनी रहेगी।
- रोशनी और शोर पर लगाम: सीमा क्षेत्र में तेज प्रकाश (High-intensity lights) का उपयोग, लाउडस्पीकर, डीजे, बैंड और पटाखों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
इन 6 उपखंडों पर रहेगी पैनी नजर
यह प्रतिबंध केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रीगंगानगर जिले के उन सभी प्रमुख हिस्सों को कवर करता है जो सीधे पाकिस्तान की सीमा से सटे हुए हैं। इनमें शामिल हैं:
- श्रीगंगानगर
- श्रीकरणपुर
- पदमपुर
- रायसिंहनगर
- अनूपगढ़
- घड़साना
किसानों के लिए ‘बीएसएफ’ का सुरक्षा कवच
खेती-किसानी राजस्थान की जीवन रेखा है। इसे ध्यान में रखते हुए बॉर्डर के पास रहने वाले किसानों के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं:
- यदि रात के समय सिंचाई के लिए खेतों में जाना अनिवार्य है, तो किसानों को सीमा सुरक्षा बल (BSF) या सेना के अधिकारी से लिखित अनुमति लेनी होगी।
- बिना अनुमति के सीमा क्षेत्र में प्रवेश कानूनी अपराध माना जाएगा।
15 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगे नियम
जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमित यादव द्वारा जारी किए गए ये प्रतिबंधात्मक आदेश आगामी 15 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगे। हालांकि, इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के अधिकृत कर्मचारी जो ड्यूटी पर तैनात हैं, उन्हें इन प्रतिबंधों से पूरी छूट दी गई है।
क्या है किसी बड़ी घुसपैठ के इनपुट?
अचानक से 3 किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह प्रतिबंधित करना और रात के समय रोशनी तक पर पाबंदी लगा देना कई अनसुलझे सवालों को जन्म दे रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञ यह अनुमान लगा रहे हैं:
- क्या सीमा पार से किसी बड़े ड्रोन मूवमेंट की आशंका है?
- क्या राष्ट्रविरोधी तत्व किसी गुप्त सुरंग या घुसपैठ की फिराक में हैं?
यद्यपि प्रशासन ने इसे ‘जन-सुरक्षा और शांति भंग की आशंका’ बताया है, लेकिन सरहद पर बढ़ती यह सख्ती किसी बड़े सुरक्षा इनपुट की ओर इशारा कर रही है। सीमा सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी के साथ इन क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है।
