राजस्थान में जलदाय विभाग (PHED) के ठेकेदारों का बकाया भुगतान का मामला अब उग्र रूप धारण करता जा रहा है। जयपुर के जल भवन में 13 अप्रैल से जारी संघर्ष समिति के धरने के समर्थन में अब क्षेत्रीय स्तर पर भी काम बंद करने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसी क्रम में मेसर्स जाखड़ कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अधिशाषी अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, खण्ड सूरतगढ़ को पत्र लिखकर कड़ी चेतावनी दी है।
45,000 लाभार्थियों की प्यास पर संकट
जाखड़ कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा दिए गए नोटिस के अनुसार, सूरतगढ़ खण्ड के अधीन 33 गांवों में पेयजल संबंधी कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। एफ.एच.टी.सी. (FHTC) डेटा के अनुसार, इन योजनाओं से लगभग 45,000 लाभार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। फर्म का कहना है कि कार्य पूर्ण होने के बावजूद विभाग द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे ठेकेदार आर्थिक रूप से टूट चुके हैं।

संसाधन और मशीनरी बंद करने का ऐलान
फर्म के पार्टनर बनवारी लाल जाखड़ ने स्पष्ट किया है कि यदि विभाग द्वारा जल्द भुगतान नहीं किया गया, तो फर्म द्वारा सभी जल योजनाओं को पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाएगा। इसमें जल योजनाओं में लगे समस्त संसाधनों और मशीनरी को बंद करना शामिल है, जैसे:
- मोटर और पैनल
- आर.जी.एफ. (RGF – Rapid Gravity Filter)
सरकार और विभाग की होगी जवाबदेही
फर्म ने अपने पत्र में साफ कहा है कि जयपुर में संघर्ष समिति द्वारा जो भी निर्णय लिया जाएगा, वही अंतिम निर्णय माना जाएगा। ठेकेदार ने चेतावनी दी है कि यदि इन कार्यों के बंद होने से जनता को परेशानी होती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी और जवाबदेही खण्ड, विभाग और राज्य सरकार की होगी।
