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शीर्ष से सलाखों तक, कर्मों के ‘चक्रव्यूह’ में फंसे पूर्व महाबली…!

कहते हैं कि वक्त का पहिया जब घूमता है तो महलों के ठाठ पलभर में तिनके की तरह बिखर जाते…