जयपुर: राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को सचिवालय में एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर की महत्वाकांक्षी आईपीडी टावर परियोजना और इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज के निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। मुख्य सचिव ने परियोजना की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए सभी विभागों और कार्यदायी एजेंसियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की महत्वपूर्ण कड़ी
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि आईपीडी टावर राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को शीघ्र पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाने के लिए:
- व्यवस्थाओं का क्रियान्वयन: चिकित्सा उपकरणों, मानव संसाधन (HR), पार्किंग और यातायात प्रबंधन की समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए।
- पहुंच मार्ग और सुरक्षा: निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
- समन्वय: विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों में गति लाई जाए।
समीक्षा और भविष्य की राह
बैठक में इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज में वर्तमान में प्रारंभ की जा चुकी स्वास्थ्य सेवाओं का ब्यौरा लिया गया और शेष बचे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। पिछली समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई।
बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री ए. राठौड़, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबू लाल गोयल और संयुक्त शासन सचिव डॉ. ज्योति चौहान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहीं। वहीं, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता, वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया, जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन और एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया और परियोजना की प्रगति से अवगत कराया।
