RPSC पेपर लीक: पूर्व चेयरमैन डॉ. शिव सिंह राठौड़ SOG मुख्यालय तलब, 60 लाख की ‘डील’ में फंसे बड़े साहब

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) से जुड़े पेपर लीक मामलों में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच अब बड़े अधिकारियों तक पहुंच गई है। एसओजी सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने RPSC के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. शिव सिंह राठौड़ को पूछताछ के लिए तलब किया है। फिलहाल SOG मुख्यालय में उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। SOG ने आज RPSC के पूर्व अध्यक्ष शिव सिंह राठौड़ को जोधपुर से किया गिरफ्तार

60 लाख की डील और कृषि विज्ञान भर्ती का कनेक्शन

एसओजी सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 के पेपर लीक मामले से जुड़ी हुई है। जयपुर स्थित एसओजी मुख्यालय में 10 मई को पेपर लीक रैकेट का खुलासा किया गया था। जांच में सामने आया था कि इस भर्ती परीक्षा का पेपर 60 लाख रुपए में बेचा गया था।

पेपर लीक के मास्टरमाइंड शेर सिंह मीणा ने एसओजी की पूछताछ में स्वीकार किया था कि स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) का पेपर उसे तत्कालीन RPSC मेंबर बाबूलाल कटारा ने 60 लाख रुपए में दिया था। एसओजी की पूछताछ के दौरान शेर सिंह ने लेक्चरर पेपर लीक में पूर्व अध्यक्ष डॉ. शिव सिंह राठौड़ का नाम लिया था। इसमें कितनी सच्चाई है, इसकी पुष्टि के लिए एसओजी के अधिकारी अब दोनों से आमने-सामने पूछताछ भी कर सकते हैं।

पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा सहित कई हो चुके हैं गिरफ्तार

जांच एजेंसी इस पूरे मामले में RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा सहित कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इन गिरफ्तारियों और जांच के दौरान हुए खुलासों के बाद ही आयोग के बड़े अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई थी। जांच में मिले सुरागों की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. राठौड़ से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

कार्यवाहक अध्यक्ष के कार्यकाल से जुड़ी हैं भर्तियां

डॉ. शिव सिंह राठौड़ को दिसंबर 2021 में RPSC का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था। वे आयोग के सबसे युवा चेयरमैन में गिने जाते हैं। पेपर लीक का कथित दौर भी इसी अवधि के आसपास आयोजित भर्तियों से जुड़ा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी लंबे समय से इन धांधलियों को लेकर आंदोलन कर रहे थे और आयोग के पूर्व अध्यक्ष सहित अन्य शीर्ष पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठा रहे थे।

अभ्यर्थियों के आंदोलन और दबाव का असर

पेपर लीक प्रकरणों से नाराज प्रतियोगी अभ्यर्थी इस कार्रवाई को ‘आरपीएससी में बैठे जिम्मेदारों तक जांच की आंच पहुंचने’ के संकेत के तौर पर देख रहे हैं। एसओजी सूत्रों के अनुसार, फिलहाल एजेंसी की ओर से केवल पूछताछ की जा रही है। आगे की संभावित कार्रवाई को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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