जयपुर। राजस्थान सरकार के नियामकीय सुधार (डिरेगुलेशन) और निवेशक-अनुकूल नीतियों का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। राजनिवेश (Rajnivesh) पोर्टल पर जून 2026 के दौरान राज्य को विभिन्न क्षेत्रों में 1.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मासिक इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट के अनुसार यह उपलब्धि राजस्थान को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में शामिल कर रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रक्रियाओं को सरल बनाने, अनावश्यक अनुमतियों में कमी लाने और उद्योगों के लिए बेहतर कारोबारी माहौल तैयार करने का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। निवेशकों का भरोसा बढ़ने से बड़े औद्योगिक शहरों के साथ-साथ नए और छोटे जिलों में भी निवेश की गति तेज हुई है।
इन क्षेत्रों में सबसे अधिक निवेश रुचि
जून 2026 के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्तावों में सबसे अधिक रुचि निम्न क्षेत्रों में देखने को मिली—
- रियल एस्टेट एवं इंफ्रास्ट्रक्चर
- नवीकरणीय ऊर्जा (सोलर एवं विंड)
- वस्त्र उद्योग
- पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी
- अन्य प्रमुख औद्योगिक सेक्टर
इन क्षेत्रों में बड़े निवेश प्रस्ताव मिलने से रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
छोटे जिलों में भी बढ़ा निवेश
रिपोर्ट में बताया गया है कि पहले जहां निवेश मुख्य रूप से जयपुर, जोधपुर, कोटा और अजमेर जैसे बड़े शहरों तक सीमित रहता था, वहीं अब डीडवाना, फलोदी सहित नवगठित और छोटे जिलों में भी उल्लेखनीय निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इससे क्षेत्रीय संतुलित विकास की नीति को मजबूती मिलने का संकेत मिला है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का दिखा असर
राज्य सरकार का कहना है कि व्यापार और उद्योग से जुड़े नियमों को सरल बनाने, डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने तथा राजनिवेश पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकृति प्रणाली विकसित करने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। इससे निवेश प्रस्तावों की संख्या और मूल्य दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्राप्त निवेश प्रस्ताव समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरते हैं तो प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही औद्योगिक आधार मजबूत होने से राजस्थान की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और राज्य राष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने वाले अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा।
