जयपुर: राजस्थान में व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े प्रशिक्षकों (Vocational Trainers) और समन्वयकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से मानदेय भुगतान न होने की शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विभाग ने 36 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी कर दी है।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर द्वारा सभी व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाताओं की एक अहम बैठक आयोजित की गई। राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मानदेय से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया गया। डॉ. शर्मा ने सभी व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाताओं को सख्त निर्देश दिए कि वे प्रशिक्षकों के लंबित मानदेय का बिना किसी देरी के तुरंत भुगतान सुनिश्चित करें।
इन योजनाओं के तहत जारी हुआ 36.54 करोड़ का बजट जिलों में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों को समय पर मानदेय मिल सके, इसके लिए विभाग ने दो प्रमुख योजनाओं के तहत फंड जारी किया है:
- समग्र शिक्षा योजना: इसके अंतर्गत 32.43 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई है।
- पीएम श्री (PM SHRI) योजना: इसके तहत 4.11 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है।
ग्रीष्मावकाश में OJT और औद्योगिक भ्रमण पर विशेष जोर
बैठक के दौरान डॉ. रश्मि शर्मा ने व्यावसायिक शिक्षा योजना के तहत आने वाले ग्रीष्मावकाश में ‘ऑन द जॉब ट्रेनिंग’ (OJT) और औद्योगिक भ्रमण जैसी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इसके लिए आसपास के औद्योगिक संस्थानों को चिन्हित करें और उनके साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें। इसके साथ ही व्यावसायिक शिक्षा से संबंधित नई निविदाएं (टेंडर) जारी करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
नामांकन वृद्धि और ट्रैकिंग के भी निर्देश इसके अलावा, राज्य में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए:
- योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर नामांकन में वृद्धि करना।
- विद्यार्थियों से सीधा संपर्क कर उन्हें उचित परामर्श (काउंसलिंग) उपलब्ध कराना।
- ‘लाईट हाउस’ और ‘शालादर्पण’ पोर्टल पर व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करना।
- कक्षा 12 उत्तीर्ण कर चुके विद्यार्थियों की प्रभावी ट्रैकिंग सुनिश्चित करना।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक अशोक कुमार मीणा और उपायुक्त संतोष मीना सहित शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।