पेंशनर्स ध्यान दें! बंद नहीं हुई है पेंशन, मंत्री अविनाश गहलोत ने की ‘घर बैठे’ वार्षिक सत्यापन की अपील

जयपुर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने अपील की है कि जिन पेंशनर्स ने अभी तक अपना वार्षिक सत्यापन (Annual Verification) नहीं कराया है, वे इसे शीघ्र पूरा करें। मंत्री ने आश्वस्त किया कि किसी भी पात्र पेंशनभोगी की पेंशन स्थाई रूप से बंद नहीं की गई है।

सत्यापन होते ही दोबारा शुरू होगी रुकी हुई पेंशन

मंत्री गहलोत ने बताया कि वार्षिक सत्यापन के अभाव में कुछ लाभार्थियों की पेंशन अस्थाई रूप से रोकी गई है। जैसे ही लाभार्थी अपना सत्यापन पूर्ण करेंगे, उनकी रुकी हुई पेंशन राशि पुनः उनके खातों में आनी शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुशासन के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा हर पात्र व्यक्ति तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ पहुँचाने की है।

घर बैठे मोबाइल से करें सत्यापन (Face Recognition)

विभाग ने पेंशनर्स की सुविधा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया है। अब लाभार्थियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है:

  • मोबाइल एप: पेंशनर्स अपने एंड्रॉयड फोन पर ‘Rajasthan Social Pension’ और ‘Aadhar Face RD’ एप डाउनलोड कर ‘फेस रिकग्निशन’ (चेहरा पहचान) के जरिए घर बैठे सत्यापन कर सकते हैं।
  • बायोमेट्रिक्स: इसके अलावा ई-मित्र कियोस्क या ई-मित्र प्लस केंद्रों पर अंगुली की छाप (Finger Print) के जरिए भी सत्यापन कराया जा सकता है।

शुल्क और समय-सीमा

मंत्री ने जानकारी दी कि वार्षिक भौतिक सत्यापन का कार्य प्रतिवर्ष 1 नवंबर से 31 दिसंबर के बीच अनिवार्य होता है। इसके लिए शुल्क का विवरण इस प्रकार है:

  • ई-मित्र कियोस्क: 50 रुपये निर्धारित शुल्क।
  • ई-मित्र प्लस: 10 रुपये का भुगतान।
  • मोबाइल एप: मोबाइल के माध्यम से यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क है।

“हमारा लक्ष्य है कि पेंशनर्स को बिना किसी परेशानी के सुगमता से पेंशन मिलती रहे। सत्यापन एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जिसे घर बैठे भी आसानी से पूरा किया जा सकता है।” – अविनाश गहलोत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री

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