जयपुर | राजस्थान के स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों और शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। प्रदेश के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां (ग्रीष्मावकाश) अब 28 जून तक के लिए बढ़ा दी गई हैं। पूर्व में जारी किए गए सरकारी आदेशों के तहत 22 जून से स्कूल खुलने थे, लेकिन अब नए फैसले के बाद प्रदेशभर के स्कूल 29 जून को खुलेंगे। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लगातार चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
लंबे समय से छुट्टियां बढ़ाने को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के बैनर तले शिक्षकों का प्रदेशव्यापी आंदोलन चल रहा था। सरकार ने अब शिक्षकों की मांगें मान ली हैं और इस संबंध में शनिवार को शिक्षक संघ और शिक्षा विभाग के बीच आधिकारिक रूप से एक समझौता हो गया है। इस समझौता पत्र पर शिक्षा मंत्री के विशिष्ट सहायक द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक शिक्षा निदेशालय की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि विभाग द्वारा जल्द ही इसका औपचारिक आदेश जारी कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने इस शैक्षणिक सत्र में पहली बार एक नया आदेश जारी कर गर्मी की छुट्टियां कम कर दी थीं और 22 जून से स्कूल खोलने के निर्देश दिए थे। इस फैसले के तुरंत बाद से ही शिक्षकों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया था। पिछले करीब 15 दिनों से शिक्षक लगातार आंदोलनरत थे और प्रदेश के ब्लॉक स्तर तक धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी गतिरोध को दूर करने के लिए शुक्रवार देर रात जयपुर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के आवास पर एक अहम बैठक आयोजित की गई थी।
देर रात चली इस उच्च स्तरीय बैठक के आधार पर ही शनिवार सुबह समझौते पर अंतिम रूप से हस्ताक्षर हुए। इस महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेशाध्यक्ष रमेश पुष्करणा, प्रदेश महामंत्री महेंद्र लखारा और संघर्ष समिति के सदस्य व प्रदेश उपाध्यक्ष रवि आचार्य भी विशेष रूप से शामिल हुए थे। आपसी सहमति बनने के बाद शिक्षकों ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी है।

ग्रीष्मावकाश बढ़ाने के साथ-साथ सरकार ने शिक्षकों की एक और बड़ी मांग को पूरा किया है। इस सत्र में सरकार ने पहली बार बदलाव करते हुए प्रिंसिपल पावर की दो छुट्टियों को घटाकर मात्र एक कर दिया था। शिक्षक इसका भी पुरजोर विरोध कर रहे थे। बैठक में बनी सहमति के बाद अब शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल पावर की छुट्टियों की संख्या को फिर से बढ़ाकर दो कर दिया है, जिससे संस्था प्रधानों को भी बड़ी राहत मिली है।