Expose Now विशेष रिपोर्ट: PHED ने 57 करोड़ के प्रोजेक्ट में लापरवाही बरतने वाली श्रीराम EPC का टेंडर किया रद्द, ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी

-बारां के 44 गांवों और अंता कस्बे की पेयजल योजना का कार्य 7 साल बाद भी कंपनी ने नहीं किया है पूरा

-भरतपुर संभाग के 2 प्रोजेक्ट्स के O&M में लापरवाही बरतने के मामलों में भी गिर सकती है गाज

जयपुर/बारां। राजस्थान में पेयजल योजनाओं में लापरवाही बरतने और सरकार को आंख दिखाने वाले ठेकेदारों के खिलाफ भजनलाल सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) की उच्च स्तरीय वित्त समिति (FC) ने बारां जिले के ‘नागदा अंता बलदेवपुरा पेयजल परियोजना’ का संचालन और संधारण (O&M) ठप करने वाली कंपनी मेसर्स श्रीराम ईपीसी लिमिटेड (चेन्नई) के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई को हरी झंडी दे दी है। विभाग अब इस कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द (Rescind) कर इसके ‘रिस्क एंड कॉस्ट’ (जोखिम और लागत) पर नया टेंडर जारी करने जा रहा है। यानी, नए टेंडर में जो भी अतिरिक्त खर्च आएगा, उसकी वसूली इसी डिफॉल्टर कंपनी से की जाएगी।

अंता कस्बे और 44 गांवों की जलापूर्ति संकट में डाली:-

आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, इस परियोजना का मुख्य काम पूरा होने के बाद 15 दिसंबर, 2018 से कंपनी को अगले कुछ वर्षों के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) का जिम्मा सौंपा गया था। लेकिन कंपनी ने पिछले कुछ सालों में कई बार अचानक काम बंद कर दिया। इस लापरवाही के कारण अंता कस्बे और आसपास के 44 गांवों की ग्रामीण आबादी को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ा। जनता के आक्रोश और पानी की सुचारू सप्लाई के लिए विभाग को आखिरकार यह बड़ा कदम उठाना पड़ा है।

नोटिस पर नोटिस, फिर भी नहीं चेती कंपनी:-

PHED के प्रोजेक्ट डिवीजन (बारां) और प्रोजेक्ट सर्कल (झालावाड़) द्वारा अगस्त 2019 से लेकर फरवरी 2026 तक कंपनी को दर्जनों चेतावनी पत्र भेजे गए। जनवरी 2026 में ही कंपनी को तीन कड़े नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन चेन्नई की इस कंपनी ने काम सुधारने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।

57.10 करोड़ का था पूरा प्रोजेक्ट:-

विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट का वर्क ऑर्डर 14 सितंबर, 2012 को 57.10 करोड़ की लागत से जारी किया गया था। इसमें मुख्य निर्माण कार्य 52.77 करोड़ और ओएंडएम (O&M) का हिस्सा 4.33 करोड़ था। कंपनी की सुस्ती के कारण यह काम वैसे ही काफी देरी से पूरा हुआ और अब संचालन के स्तर पर भी कंपनी पूरी तरह फेल साबित हुई है।

भरतपुर संभाग के प्रोजेक्ट्स की भी होगी कुंडली तैयार:-

वित्त समिति की बैठक में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ कि मेसर्स श्रीराम EPC लिमिटेड केवल बारां में ही नहीं, बल्कि भरतपुर संभाग के दो अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स में भी इसी तरह की लापरवाही बरत रही है। मुख्य अभियंता, PHED (Jaipur) की प्रस्तुति और कमेटी के सदस्यों के बीच विस्तृत विचार-विमर्श के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि कंपनी अब इस प्रोजेक्ट को चलाने की इच्छुक नहीं है। समिति ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। विभाग के मुख्य अभियंता (विशेष परियोजना) को निर्देश दिए गए हैं कि इस ठेकेदार के राज्य में चल रहे अन्य सभी समान कॉन्ट्रैक्ट्स की तुरंत समीक्षा की जाए। कंपनी के अन्य प्रोजेक्ट्स की रिपोर्ट अगली फाइनेंस कमेटी की बैठक में रखी जाएगी, जिसके बाद कंपनी को पूरी तरह ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई हो सकती है।

कमेटी ने लिया कंपनी के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय:-

-जरनल कंडीशंस ऑफ कॉन्ट्रैक्ट (GCC) के क्लॉज 3 और एसओपी आइटम नंबर 36 के तहत वर्तमान अनुबंध को तुरंत निरस्त किया जाए।

-आगामी 3 वर्षों के बचे हुए काम (Balance Work) के लिए तुरंत नया कस्टमाइज्ड टेंडर (Fresh Bid) आमंत्रित किया जाए।

-नियमों के मुताबिक ठेकेदार के खिलाफ अनुशासनात्मक और पंजीकरण नियमों (Enlistment Rules) के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।

ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now

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