नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और पंचांग जारी कर दिया गया है, जिससे प्रदेशभर के राजकीय और निजी विद्यालयों में सालभर चलने वाली गतिविधियों की रूपरेखा स्पष्ट हो गई है। इस बार शैक्षणिक सत्र की शुरुआत एक अप्रैल से हो चुकी है। कैलेंडर के अनुसार, पूरे वर्ष में कुल 365 दिनों में से स्कूल 244 दिन संचालित किए जाएंगे, जबकि विद्यार्थियों को कुल 126 छुट्टियां मिलेंगी। इसमें 69 सामान्य अवकाश के साथ-साथ 52 रविवार और विभिन्न शैक्षिक सम्मेलनों के अवकाश शामिल किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला कलेक्टरों को भी अपनी ओर से दो स्थानीय अवकाश घोषित करने का अधिकार दिया गया है।
छुट्टियों के कार्यक्रम में इस बार कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। ग्रीष्मकालीन अवकाश आगामी 17 मई से 20 जून 2026 तक रहेगा, जिसमें इस बार 10 दिनों की कटौती की गई है। वहीं, शीतकालीन अवकाश के लिए 31 दिसंबर 2026 से 10 जनवरी 2027 तक का समय निर्धारित किया गया है। मध्यावधि अवकाश 4 नवंबर से 15 नवंबर 2026 के बीच होगा। इसके अतिरिक्त, कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि 11 जुलाई तय की गई है। पंचांग में ‘नो बैग डे’ और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए भी स्पष्ट मार्गदर्शन दिया गया है ताकि शिक्षण कार्य सुचारू और समयबद्ध तरीके से हो सके।
परीक्षा कार्यक्रमों का विवरण भी इस पंचांग में विस्तार से दिया गया है। प्रथम परख 13 से 15 मई के बीच आयोजित होगी, जबकि द्वितीय परख अगस्त में और अर्धवार्षिक परीक्षाएं 15 से 29 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित हैं। तृतीय परख दिसंबर के मध्य में ली जाएगी। वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन 8 मार्च से 20 मार्च 2027 के बीच किया जाएगा, वहीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए फरवरी और मार्च का समय प्रस्तावित है। समय पर पंचांग जारी होने से विद्यालयों में शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित हो सकेगा।
पंचांग 2026-27: एक नजर में
- कुल कार्यदिवस: 244 दिन
- कुल अवकाश: 126 दिन
- ग्रीष्मकालीन छुट्टियां: 17 मई से 20 जून 2026
- मध्यावधि (दीपावली) अवकाश: 4 से 15 नवंबर 2026
- शीतकालीन अवकाश: 31 दिसंबर 2026 से 10 जनवरी 2027
- वार्षिक परीक्षा: 8 से 20 मार्च 2027
