बड़े भवनों में अब 20% पार्किंग में होगी EV चार्जिंग अनिवार्य, राजस्थान सरकार ने जारी किए नए नियम

राजस्थान सरकार ने प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को एक नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL) ने राजस्थान ऊर्जा संरक्षण एवं सस्टेनेबल भवन संहिता (RECSBC) का नया प्रारूप जारी कर दिया है। यह नई संहिता वर्तमान में लागू ‘RECBC’ का स्थान लेगी और इसका मुख्य उद्देश्य बड़े व्यवसायिक भवनों में ऊर्जा दक्षता के न्यूनतम मानकों को आधुनिक बनाना है।

किन भवनों पर लागू होगी नई संहिता?

प्रस्तावित RECSBC के दायरे में वे सभी व्यवसायिक भवन आएंगे जो निम्नलिखित श्रेणियों में से किसी एक को पूरा करते हैं:

  • जिनका कनेक्टेड लोड 100 किलोवॉट या उससे अधिक है।
  • जिनकी कॉन्ट्रैक्ट डिमांड 120 किलोवॉट या उससे अधिक है।
  • जिनका कुल निर्मित क्षेत्र (Built-up Area) 2000 वर्ग मीटर या उससे अधिक है।

EV चार्जिंग और सोलर एनर्जी पर विशेष जोर

भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस ड्राफ्ट में कुछ बेहद प्रगतिशील प्रावधान शामिल किए गए हैं:

  • इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंफ्रास्ट्रक्चर: अब बड़े भवनों में पार्किंग के लिए कम से कम 20 प्रतिशत स्थान पर EV चार्जिंग की सुविधा अनिवार्य करने का प्रस्ताव है।
  • ग्रीन एनर्जी: भवनों की कुल अनुबंधित मांग का कम से कम 4 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा (जैसे सोलर पैनल) से पूरा करना अनिवार्य होगा।

बेहतर रेटिंग पर मिलेगा ‘एक्स्ट्रा स्पेस’ का फायदा

डेवलपर्स को ऊर्जा दक्ष भवन बनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु सरकार ने इसमें विशेष इंसेंटिव की व्यवस्था की है:

  1. RECSBC Plus: इस श्रेणी के भवनों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त बिल्टअप एरिया रेशो (BAR) का लाभ मिलेगा।
  2. Super RECSBC: इन भवनों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त BAR दिया जाएगा।

आम जनता से सुझाव आमंत्रित: यदि आप एक डेवलपर, इंजीनियर या जागरूक नागरिक हैं, तो आप इस ड्राफ्ट पर अपने सुझाव 31 मई 2026 तक RRECL की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर दे सकते हैं।

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