जयपुर, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘समावेशी आर्थिक विकास’ की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए “एक जिला एक उत्पाद (ODOP) नीति-2024” को प्रभावी ढंग से लागू किया है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक ब्रांड बनाना, स्थानीय उद्योगों को तकनीकी रूप से सक्षम करना और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में रोजगार के स्थाई अवसर पैदा करना है।
सभी 41 जिलों के उत्पादों की पहचान
उद्योग और वाणिज्य विभाग के आयुक्त सुरेश कुमार ओला के अनुसार, इस नीति के तहत राज्य के सभी 41 जिलों (नए जिलों सहित) के विशिष्ट उत्पादों का चयन कर लिया गया है। यह नीति केवल पारंपरिक शिल्प तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, खनिज और आधुनिक विनिर्माण को भी कवर करती है।
उद्यमियों के लिए भारी वित्तीय प्रोत्साहन
नीति के तहत जिला स्तर पर छोटे और सूक्ष्म उद्योगों को खड़ा करने के लिए विशेष सब्सिडी का प्रावधान किया गया है:
- सूक्ष्म उद्यम (Micro): नए सूक्ष्म उद्यमों के लिए 15 लाख रुपये तक की कैपिटल सब्सिडी (कुल लागत का 25%)।
- लघु उद्यम (Small): छोटे उद्यमों के लिए योग्य परियोजना लागत पर 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी (कुल लागत का 15%)।
- डिजिटल विस्तार: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए 2 साल तक प्रति वर्ष 1 लाख रुपये तक का पुनर्भरण।
तकनीक और गुणवत्ता पर फोकस
राज्य सरकार का लक्ष्य स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के समकक्ष लाना है। इसके लिए:
- क्वालिटी सर्टिफिकेट: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त करने के खर्च पर 75% तक (अधिकतम 3 लाख रुपये) का पुनर्भरण।
- सॉफ्टवेयर व तकनीक: उन्नत तकनीक या सॉफ्टवेयर खरीद पर 50% सब्सिडी (अधिकतम 5 लाख रुपये)।
- डिजिटल मार्केटिंग: कैटलॉगिंग और वेबसाइट डेवलपमेंट के लिए 60% (अधिकतम 75 हजार रुपये) की सहायता।
ग्लोबल मार्केट तक पहुंच
उद्यमियों को अपनी पहचान बनाने के लिए अब बाजार की चिंता नहीं करनी होगी। नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए स्टॉल किराया और 2 लाख रुपये तक की यात्रा सहायता दी जाएगी। साथ ही, क्लस्टर विकास के लिए सामान्य सुविधा केंद्रों (Common Facility Centers) की स्थापना की जा रही है।
आयुक्त का संदेश: “हमारा उद्देश्य जिला स्तर के उद्यमियों को इतना सक्षम बनाना है कि वे बड़े ब्रांड्स के साथ प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सकें। वित्तीय सहायता के साथ-साथ हम उन्हें तकनीक और बाजार तक सीधी पहुंच प्रदान कर रहे हैं।” — सुरेश कुमार ओला, आयुक्त (उद्योग एवं वाणिज्य)
यह नीति राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ इसे ‘सस्टेनेबल ग्रोथ’ के इंजन में बदलने का दम रखती है।
