करौली| जिले के बहुचर्चित पांचना बांध जल विवाद का गतिरोध बुधवार को भी जारी है। प्रशासन के दावों के उलट, कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी पहुंचने के बावजूद किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। हिण्डौन, गंगापुर सिटी और विशेषकर वजीरपुर उपखंड में किसानों ने मुख्य मार्गों पर अपना डेरा डाल रखा है। प्रशासन बैकफुट पर है और आज (बुधवार) एक बार फिर किसानों के साथ वार्ता की टेबल सज रही है, जिस पर पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हैं।
नहरों में पानी तो आया, पर ‘दबाव’ पर अटका पेंच
मंगलवार देर शाम जल संसाधन विभाग ने पांचना बांध से पानी छोड़ दिया था, जो बांदी गांव तक पहुंच भी गया। लेकिन, असली विवाद अब पानी के दबाव (Flow) को लेकर शुरू हो गया है। आंदोलनरत किसानों का स्पष्ट कहना है कि वर्तमान दबाव इतना कम है कि पानी नहर के अंतिम छोर तक किसी भी सूरत में नहीं पहुंच सकता। किसानों की मांग है कि पानी की मात्रा और दबाव तत्काल बढ़ाया जाए, अन्यथा यह केवल ‘कागजी खानापूर्ति’ बनकर रह जाएगा।
यातायात व्यवस्था ध्वस्त: रोडवेज बसों के थमे पहिए
किसानों के चक्काजाम का सीधा असर आम जनजीवन और यातायात पर पड़ा है:
- मार्ग अवरुद्ध: हिण्डौन-करौली और हिण्डौन-गंगापुर सिटी मुख्य मार्ग पूरी तरह जाम हैं। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं।
- रोडवेज को ब्रेक: हालात को देखते हुए राजस्थान रोडवेज ने सुरक्षा कारणों से इन मार्गों पर बसों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया है। हिंडौन डिपो में बसें कतार में खड़ी हैं।
- यात्री बेहाल: बस सेवा ठप होने से दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में लोग कई गुना अधिक किराया देकर वैकल्पिक और कच्चे रास्तों से निजी वाहनों में सफर कर रहे हैं।
नेताओं की ‘एंट्री’ भी रही बेअसर
मंगलवार का दिन प्रशासनिक और राजनीतिक हलचलों से भरा रहा, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। कुसाय गांव में जल पूजन का कार्यक्रम तय था, लेकिन जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के समय पर नहीं पहुंचने से इसे टालना पड़ा। मंत्री रावत गंगापुर सिटी तो पहुंचे, लेकिन कुछ देर रुककर ही वापस लौट गए। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) भी मौके पर पहुंचे थे, लेकिन उग्र विरोध के चलते उन्हें भी बैरंग लौटना पड़ा। इससे पहले कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के प्रयास भी इस मोर्चे पर विफल साबित हो चुके हैं।
आज क्या होने वाला है?
आज बुधवार को प्रशासन, पुलिस के आला अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि किसान नेताओं के साथ वार्ता की एक नई कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि वे किसानों की पानी के दबाव संबंधी तकनीकी शंकाओं का समाधान कर आज ही जाम खुलवाने का प्रयास करेंगे।
पुलिस और प्रशासन की नजर
दर्जनों स्थानों पर लगे इस जाम के कारण कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है. प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद हैं और पल-पल बदलते हालातों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके और जल्द से जल्द कोई बीच का रास्ता निकाला जा सके.
