जयपुर, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को राजधानी जयपुर में आयोजित “राजस्थान इंडस्ट्री एंड एसएमई समिट” को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के औद्योगिक विकास में लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों (SME) की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि एसएमई ही देश की अर्थव्यवस्था का वास्तविक आधार हैं, जिनसे लाखों परिवारों को रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
आत्मनिर्भर भारत में SME का योगदान
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को धरातल पर उतारने में लघु एवं मध्यम उद्योगों का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के वैश्विक सम्मान और आर्थिक प्रगति की चर्चा करते हुए कहा कि देश आज हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राजस्थान में भविष्य की असीम संभावनाएँ
श्री बागडे ने राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में छिपी संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि:
- अक्षय ऊर्जा और खनन: प्रदेश इन क्षेत्रों में देश का नेतृत्व कर सकता है।
- हस्तशिल्प और वस्त्र: राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक पहचान दिलाने की जरूरत है।
- इंजीनियरिंग और पर्यटन: ये क्षेत्र आने वाले वर्षों में राजस्थान को एक अग्रणी औद्योगिक राज्य बनाएंगे।
राज्यपाल ने उद्यमियों का आह्वान किया कि राजस्थान की जन्मजात उद्यमशीलता की प्रवृत्ति को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर वैश्विक अवसरों में बदलें।
‘प्राइड ऑफ राजस्थान अवॉर्ड’ से सम्मान
समिट के दौरान राज्यपाल ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास में उत्कृष्ट योगदान देने वाले उद्यमियों को “प्राइड ऑफ राजस्थान अवॉर्ड” से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आने वाला दशक भारतीय उद्योगों के लिए अभूतपूर्व अवसर लेकर आ रहा है और राजस्थान इस परिवर्तनकारी दौर में देश का नेतृत्व करेगा।
राज्यपाल का मुख्य संदेश: “राजस्थान में उद्यमशीलता की लंबी परंपरा रही है। अब समय है कि हम इसे भविष्य की वैश्विक संभावनाओं के अनुरूप ढालें और मिलकर कार्य करें।”
