जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसर कॉलेज शिक्षा भर्ती-2025 के अंग्रेजी विषय का फाइनल परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है। जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने संजय आशिया द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम निर्देश दिए हैं। हालांकि, अदालत ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) को साक्षात्कार (इंटरव्यू) प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दे दी है, लेकिन अंतिम परिणाम घोषित नहीं किया जा सकेगा।
कोर्ट ने मामले में उच्च शिक्षा सचिव और RPSC अजमेर के सचिव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

क्या है पूरा मामला और याचिका का आधार?
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि RPSC ने 18 सितंबर 2025 को अंग्रेजी सहित कुल 30 अन्य विषयों में सहायक आचार्य (असिस्टेंट प्रोफेसर) पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसमें याचिकाकर्ता ने अंग्रेजी विषय से आवेदन किया था।
याचिका में मुख्य आरोप लगाया गया कि:
- आपत्तियों का निस्तारण नहीं: RPSC ने मॉडल आंसर-की पर आई आपत्तियों का निराकरण किए बिना और फाइनल आंसर-की (अंतिम उत्तर कुंजी) जारी किए बिना ही सीधे इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- विवादित प्रश्न: लिखित परीक्षा के जनरल पेपर में 15, अंग्रेजी विषय के प्रथम पेपर में 4 और द्वितीय पेपर में 7 प्रश्नों पर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं।
- अन्य विषयों पर भी असर: अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि जनरल पेपर के जिन 15 सवालों पर आपत्तियां हैं, उनका असर केवल अंग्रेजी ही नहीं बल्कि अन्य विषयों के परिणामों पर भी पड़ेगा।
- तीसरे पक्ष के अधिकार का अंदेशा: याचिका में आशंका जताई गई कि यदि विवादित प्रश्नों का निस्तारण किए बिना ही नियुक्तियां दे दी जाती हैं, तो कानूनी रूप से तीसरे पक्ष के अधिकार (Third Party Rights) सृजित हो जाएंगे, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान हो सकता है।
इन तमाम तर्कों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अंग्रेजी विषय के अंतिम परिणाम पर रोक लगाते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।