राजस्थान के वित्तीय प्रबंधन में ‘AI’ बदलाव: 230 योजनाओं के घपलों पर लगेगी लगाम

जयपुर: राजस्थान में सरकारी योजनाओं के नाम पर होने वाले वित्तीय घपलों और बजट की हेराफेरी पर अब ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) का कड़ा पहरा होगा। प्रदेश के वित्तीय प्रबंधन को पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए दिल्ली से महालेखा नियंत्रक (वित्त) की टीम ने मंगलवार को जयपुर का दौरा किया। मुख्य सचिव (CS) वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में तय किया गया कि प्रदेश में संचालित कुल 230 योजनाओं के ट्रांजेक्शन की रियल-टाइम निगरानी के लिए एक अत्याधुनिक ‘AI डैशबोर्ड’ तैयार किया जाएगा।

230 योजनाओं की होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग

बैठक में केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की महालेखा नियंत्रक टीसीए कल्याणी ने पीएफएमएस (PFMS) और आईएफएमएस (IFMS) सहित विभिन्न वित्तीय प्रबंधन विषयों पर विस्तृत चर्चा की। कल्याणी ने जानकारी दी कि ‘समायोजित प्रणाली एकीकरण शीघ्र हस्तांतरण’ के तहत वर्तमान में 70 केंद्रीय प्रायोजित योजनाएं और 160 राज्य स्तरीय योजनाएं शामिल की जा चुकी हैं। इन सभी 230 योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय निगरानी के लिए राज्य सरकार की आवश्यकताओं के अनुरूप AI डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा, जो गड़बड़ियों को रियल-टाइम में पकड़ेगा।

PFMS: 327 करोड़ ट्रांजेक्शन और जीडीपी का बड़ा हिस्सा

इस मंथन के दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि वर्तमान में देश की जीडीपी का एक बहुत बड़ा हिस्सा पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) प्लेटफॉर्म के जरिए प्रवाहित होता है।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास
  • विशाल नेटवर्क: पिछले साल इस प्रणाली के जरिए 327 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए गए।
  • जुड़ाव: इस सिस्टम से वर्तमान में 1100 से अधिक डीबीटी (DBT) योजनाएं और 35 लाख से अधिक इंप्लीमेंटिंग एजेंसियां जुड़ी हुई हैं।

महालेखा नियंत्रक कल्याणी ने स्पष्ट किया कि आने वाले दशक की वित्तीय चुनौतियों और आवश्यकताओं को देखते हुए PFMS को अधिक आधुनिक, सरल, लचीला और उपयोगकर्ता-केंद्रित बनाया जाना बेहद जरूरी है।

41 जिलों के कोषाधिकारियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रदेशभर में क्षमता निर्माण (Capacity Building) पर भी जोर दिया गया है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि आने वाले समय में केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के सभी 41 जिलों के कोषाधिकारियों (Treasury Officers) के लिए कार्यशालाएं आयोजित कर उन्हें नए सिस्टम के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

जयपुर में खुलेगी नई ICAS एकेडमी

वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में राजस्थान को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जयपुर में इंडियन सिविल अकाउंट्स सर्विस (ICAS) एकेडमी की स्थापना की जाएगी। मुख्य सचिव ने इसके लिए जल्द ही उपयुक्त भूमि का चयन करने का आश्वासन दिया है। इस अहम बैठक में प्रमुख सचिव वित्त वैभव गालरिया सहित केंद्र व राज्य सरकार के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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