-5 वर्षों में 140% से ज्यादा उछला राजस्थान में CSR का बजट, FY 2020-21 के 670 करोड़ से बढ़कर FY 2024-25 में 1,620 करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा
-विकास का पावरहाउस बने जयपुर और उदयपुर, राजसमंद में 5 सालों के दौरान खर्चे गए 110 करोड़ से अधिक
-Zero Coupon Zero Principal नियमों के क्रांतिकारी बदलाव से ‘Not for Profit’ संगठनों के लिए खुला फंड का नया रास्ता
नई दिल्ली/जयपुर। मरुधरा के विकास का पहिया अब केवल सरकारी योजनाओं के भरोसे नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट जगत के सामाजिक सरोकार (CSR) के भारी-भरकम फंड से भी रफ्तार पकड़ रहा है। ‘Expose Now’ की विशेष पड़ताल और कॉर्पोरेट डेटा मैनेजमेंट सेल के आधिकारिक आंकड़ों में राजस्थान को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और सुखद खुलासा हुआ है। पिछले 5 वित्तीय वर्षों (2020-21 से 2024-25) के भीतर राजस्थान में देश की दिग्गज कंपनियों और पीएसयू (PSUs) ने अपनी तिजोरियों के दरवाजे खोलते हुए रिकॉर्ड तोड़ बजट सामाजिक कल्याण की नींव मजबूत करने में झोंक दिया है। महज 5 सालों में ही राज्य का CSR फंड 670 करोड़ से बढ़कर 1,620 करोड़ प्रति वर्ष के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुका है—जो कि 140 प्रतिशत से भी अधिक की अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाता है। शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे बुनियादी ढांचों के कायाकल्प में लगा यह बजट राज्य के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह बदलने में जुटा हुआ है। आंकड़ों के विश्लेषण (MCA21 रजिस्ट्री) से खुलासा हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच राज्य में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों ने कुल मिलाकर 5,300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सामाजिक विकास परियोजनाओं पर खर्च की है।
वर्ष-दर-वर्ष CSR बजट में आया ऐतिहासिक उछाल-
कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA21 रजिस्ट्री) के डेटा बताते हैं कि राजस्थान में हर साल कॉर्पोरेट फंड का दायरा तेजी से बढ़ा है:
FY 2020-21: 670.00 करोड़
FY 2021-22: 713.85 करोड़
FY 2022-23: 1,123.16 करोड़
FY 2023-24: 1,176.73 करोड़
FY 2024-25: 1,620.16 करोड़
जिलों की स्थिति: जयपुर और उदयपुर टॉप पर
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में CSR फंड के वितरण में बड़ा फर्क और भारी निवेश देखने को मिला है:
जयपुर: राजधानी जयपुर CSR निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरी, जहाँ FY 2020-21 में मात्र 59.13 करोड़ का निवेश था, जो FY 2024-25 में बढ़कर सीधे 347.79 करोड़ तक पहुंच गया।
उदयपुर: लेक सिटी उदयपुर में अकेले 2024-25 के दौरान कंपनियों ने 249.83 करोड़ का भारी-भरकम फंड झोंका।
राजसमंद: राजसमंद जिले में भी 5 वर्षों के दौरान विकास कार्यों पर 110 करोड़ से अधिक (FY 2020-21 में 23.68 करोड़ से FY 2024-25 में 34.05 करोड़) का खर्च दर्ज किया गया।
अन्य प्रमुख जिले (FY 2024-25 में): अजमेर (134.13 करोड़), अलवर (104.76 करोड़) और जोधपुर (106.83 करोड़) में भी बड़ा बजट खर्च किया गया।
किस क्षेत्र को मिला सबसे ज्यादा लाभ?
आंकड़ों से स्पष्ट है कि कंपनियों ने राजस्थान में सबसे ज्यादा तरजीह शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को दी है:
विकास क्षेत्र (Development Sector) FY 2020-21(करोड़) FY 2024-25 (करोड़)
शिक्षा (Education) 221.46 554.75
स्वास्थ्य सेवा (Health Care) 181.95 237.78
ग्रामीण विकास (Rural Development) 43.39 193.84
पर्यावरण स्थिरता (Environmental Sustainability) 46.57 135.78
आजीविका संवर्धन (Livelihood Enhancement) 18.36 125.75
CSR नियमों में बड़ा बदलाव: एनजीओ और कंपनियों को मिलेगी आसानी:-
सरकार ने CSR नीति को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने 27 मई 2026 को गजट अधिसूचना जारी कर अनुसूची VII (Schedule VII) के तहत ‘सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर ज़ीरो कूपन ज़ीरो प्रिंसिपल इंस्ट्रूमेंट्स (Zero Coupon Zero Principal Instruments)’ को नया मद शामिल किया है।
कंपनी (CSR पॉलिसी) नियम, 2014 में हुए इन संशोधनों से ‘गैर-लाभकारी संगठनों’ (Not for Profit Organizations) के लिए जन कल्याणकारी परियोजनाओं के लिए फंड जुटाना बेहद आसान हो जाएगा और कंपनियों के लिए अनुपालन (Compliance) प्रक्रियाएं भी सरल हो जाएंगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now
