CET-2026: 40% अंक पर मिलेगी पात्रता, 3 साल रहेगी वैलिडिटी, जानें कब होंगे आवेदन

जयपुर | राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने सीईटी-2026 (CET-2026) की आधिकारिक तैयारी शुरू कर दी है, जिससे प्रदेश के 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। बोर्ड ने इस बार पात्रता नियमों और प्रमाण-पत्र की वैधता को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। सीईटी प्रमाण-पत्र की वैधता अवधि अब 3 साल कर दी गई है, जो पहले मात्र एक साल थी। इसके साथ ही, सामान्य पात्रता के लिए 40% अंक (आरक्षित वर्ग को 5% छूट) की शर्त लागू रहेगी।

मुख्य परीक्षा के लिए सीमित होगी भीड़

बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज के अनुसार, इस बार परीक्षा का स्तर अपेक्षाकृत कठिन और स्टैंडर्ड रखा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मुख्य परीक्षा के लिए केवल 3 से 4 लाख अभ्यर्थी ही पात्र हो सकें, ताकि मुख्य परीक्षाओं का आयोजन एक ही पारी में सुगमता से कराया जा सके।


प्रस्तावित परीक्षा कैलेंडर: 2026

परीक्षा का स्तरआवेदन प्रक्रियाप्रस्तावित परीक्षा माह
सीईटी स्नातक (Graduation Level)जून 2026नवंबर 2026
सीईटी सीनियर सेकंडरी (Sr. Secondary)जुलाई 2026दिसंबर 2026

18 लाख अभ्यर्थियों की वैधता फरवरी 2026 में खत्म

  • सीईटी-2024 का आयोजन दो साल पहले हुआ था, जिसकी वैधता एक वर्ष थी। फरवरी 2026 में इसकी वैधता समाप्त हो गई।
  • सीईटी स्नातक स्तर के 8.78 लाख और सीनियर सेकंडरी स्तर के 9.17 लाख अभ्यर्थियों की पात्रता फरवरी 2026 में समाप्त हो चुकी है।

23 प्रकार की भर्तियों का खुलेगा रास्ता

सीईटी की पात्रता प्रक्रिया शुरू होने से उन 23 प्रकार की भर्तियों पर लगा विराम हट सकेगा, जो फिलहाल इसके बिना अटकी हुई हैं।

  • स्नातक स्तर की प्रमुख भर्तियां: ग्राम विकास अधिकारी (VDO), पटवारी, प्लाटून कमांडर, कनिष्ठ लेखाकार, तहसील राजस्व लेखाकार, महिला अधिकारिता पर्यवेक्षक, उपजेलर और छात्रावास अधीक्षक ग्रेड-द्वितीय।
  • वैधता का संकट: गौरतलब है कि फरवरी 2026 में सीईटी-2024 की वैधता समाप्त हो चुकी है, जिससे स्नातक स्तर के 8.78 लाख और सीनियर सेकंडरी स्तर के 9.17 लाख अभ्यर्थियों की पात्रता खत्म हो गई है।

बोर्ड अध्यक्ष का वक्तव्य

“इस बार पेपर का स्तर स्टैंडर्ड और अपेक्षाकृत कठिन रखा जाएगा, ताकि अत्यधिक संख्या में अभ्यर्थी पात्र न हो जाएं। हमारा प्रयास रहेगा कि लगभग 3 से 4 लाख अभ्यर्थी ही पात्र हों, ताकि मुख्य परीक्षा एक ही पारी में कराई जा सके।”

आलोक राज, अध्यक्ष, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड

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