डिजिटल जनगणना का आगाज: 1 मई से 15 मई तक खुद भरें अपनी जानकारी, साइबर ठगों से बचने के लिए प्रशासन का अलर्ट

राजस्थान में 1 मई से जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए स्व-गणना (Self-Enumeration) का आधिकारिक लिंक साझा किया है, जिससे नागरिक घर बैठे अपनी जानकारी डिजिटल रूप से भर सकेंगे।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से प्रदेशवासियों से जनगणना महाअभियान में भागीदारी की अपील की है। पहली बार भारत में नागरिकों को वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी खुद भरने का विकल्प दिया जा रहा है।

महत्वपूर्ण समय-सारणी (Timeline)

  • 1 मई से 15 मई 2026: नागरिक पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी गणना कर सकेंगे।
  • 16 मई से 14 जून 2026: जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों की गणना और सत्यापन करेंगे।
  • आधिकारिक लिंक: https://se.census.gov.in

स्व-गणना के फायदे और प्रक्रिया

यदि आप पोर्टल पर अपनी जानकारी पहले ही भर देते हैं, तो कर्मचारी के घर आने पर आपका समय बचेगा और लंबी कागजी प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद भी कर्मचारी भौतिक सत्यापन के लिए घर जरूर आएंगे।

साइबर फ्रॉड से सावधान रहें

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जनगणना के नाम पर ओटीपी (OTP) मांगने वालों से सावधान रहें।

  • कर्मचारी आपसे केवल मोबाइल नंबर और ऑनलाइन गणना के बाद मिली SE ID मांगेंगे।
  • जनगणना विभाग का कोई भी प्रतिनिधि आपसे कभी भी OTP नहीं मांगेगा

इन 33 सवालों के लिए रहें तैयार

पहले चरण में मुख्य रूप से मकान की स्थिति और सुख-सुविधाओं से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे:

  • मकान का नंबर और निर्माण सामग्री (फर्श, दीवार, छत)।
  • परिवार के मुखिया का विवरण और जाति वर्ग।
  • पीने का पानी, रोशनी, शौचालय और रसोईघर की व्यवस्था।
  • डिजिटल सुविधाएं जैसे इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टफोन और वाहन की जानकारी।
  • मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज और खाना पकाने का ईंधन (LPG/PNG)।

शिक्षकों के तबादलों पर असर

इस अभियान के लिए राजस्थान में लगभग 1 लाख 60 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें अधिकांश शिक्षक हैं। जनगणना कार्य निदेशालय के अनुसार, जो कर्मचारी पहले चरण में काम करेंगे, उन्हें ही फरवरी 2027 के दूसरे चरण में भी रखा जाएगा, जिससे शिक्षकों के तबादलों पर लंबे समय तक रोक लग सकती है।


संपादकीय नोट: “आज की सही जानकारी ही कल के ‘विकसित राजस्थान’ की नींव रखेगी। स्व-गणना के विकल्प का उपयोग करें और सरकारी कर्मचारियों को सही सूचना देकर इस राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करें।”

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