राजस्थान जनगणना-2027 की तैयारियां तेज: पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी गणना, जानिए पूरा शेड्यूल और जरूरी निर्देश

जयपुर: राजस्थान में जनगणना-2027 के मुख्य चरण की तैयारियां अब तेजी से आगे बढ़ रही हैं। राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में जनगणना के दूसरे चरण के कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस बार का जनगणना अभियान पूरी तरह से डिजिटल और हाई-टेक होगा, जिसमें नागरिकों को घर बैठे ‘स्वगणना’ (Self-Enumeration) करने की अनूठी सुविधा भी दी जाएगी।

प्रमुख तिथियां और शेड्यूल (Census 2027 Schedule)

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनगणना के आगामी चरणों की तिथियां तय की गईं:

  • स्वगणना (Self-Enumeration): प्रदेश के नागरिकों के लिए 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक स्वगणना का अवसर उपलब्ध रहेगा, जिसके तहत लोग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करा सकेंगे।
  • जनसंख्या गणना (Population Enumeration): जमीनी स्तर पर आधिकारिक जनगणना का मुख्य चरण 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलाया जाएगा।
  • बेघर आबादी की गणना: 28 फरवरी 2027 की रात को बेघर और आश्रयहीन आबादी की विशेष रूप से गणना की जाएगी।
  • रिविजनल राउंड: आंकड़ों के सत्यापन और संशोधन के लिए 1 से 5 मार्च 2027 तक का समय निर्धारित किया गया है।
  • संदर्भ तिथि (Reference Date): इस पूरी जनगणना के लिए 1 मार्च 2027 की रात्रि 12:00 बजे (00:00 बजे) की समयसीमा को संदर्भ तिथि माना गया है।

1.80 लाख फील्ड कार्मिकों की होगी तैनाती, तबादलों पर रोक

इस विशाल प्रशासनिक अभियान को सफलतापूक संपन्न कराने के लिए राजस्थान में करीब 1.80 लाख फील्ड कर्मचारियों और प्रगणकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए जनगणना अवधि के दौरान इन सभी तैनात कार्मिकों के स्थानांतरण (Transfers) पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। इसके साथ ही पर्याप्त रिजर्व व्यवस्था और समय पर प्रशिक्षण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

देश की पहली डिजिटल जनगणना (Digital Census)

जनगणना कार्य निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया कि जनगणना-2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी।

  • मोबाइल एप का उपयोग: प्रगणक स्मार्टफोन पर उपलब्ध ‘PE Mobile App’ के जरिए घर-घर जाकर आंकड़े डिजिटल रूप से रियल-टाइम दर्ज और सत्यापित करेंगे।
  • मकान गणना के आंकड़े: प्रथम चरण (मकान सूचीकरण) के दौरान प्रदेश के 1,34,091 से अधिक ब्लॉक्स में मोबाइल एप के माध्यम से भवनों और परिवारों की गणना का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
  • मैनेजमेंट पोर्टल: फील्ड कार्यों के एंड-टू-एंड प्रबंधन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए CMMS और EB Creator पोर्टल्स का उपयोग किया जा रहा है।

जन-जागरूकता पर जोर

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता फैलाई जाए ताकि आम नागरिक सेल्फ-एन्यूमेरेशन पोर्टल व मोबाइल नंबर के जरिए इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सक्रिय रूप से अपनी सहभागिता निभा सकें।


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