जयपुर, राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राजस्थान सरकार पूरे प्रदेश को राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर करने की तैयारी कर रही है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को शासन सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में निर्देश दिए कि इन कार्यक्रमों का आयोजन ”स्वतंत्रता का मंत्र-वन्देमातरम” एवं ”समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत” के ध्येय वाक्य के साथ किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि वन्दे मातरम् के गायन की गूंज राजस्थान से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सुनाई देनी चाहिए, ताकि प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रीयता के भाव का संचार हो।
कार्यक्रमों का विस्तृत कैलेंडर (23 से 26 जनवरी):
- 23 जनवरी: प्रदेश के 65 हजार सरकारी विद्यालयों में होने वाली ‘मेगा पैरेंट टीचर मीट’ (PTM) में वन्दे मातरम् से जुड़ी विशेष गतिविधियां होंगी।
- 24 जनवरी: सभी स्कूल और कॉलेजों में निबंध, डिबेट, क्विज, रंगोली और पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।
- 25 जनवरी: प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ‘वन्दे मातरम्’ थीम पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। सूचना केंद्रों पर विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी।
- 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस): जयपुर में राज्यपाल के मुख्य आतिथ्य में विशेष कार्यक्रम होगा। साथ ही ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक सामूहिक वन्दे मातरम् गायन किया जाएगा।
प्रमुख विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारियां:
- शिक्षा एवं उच्च शिक्षा: एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड के माध्यम से संगीतमय प्रस्तुतियां और प्रतियोगिताएं।
- पर्यटन विभाग: प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ‘वन्दे मातरम् बूथ’, ऑडियो-वीडियो बूथ और सेल्फी पॉइंट स्थापित किए जाएंगे।
- पुलिस विभाग: राजस्थान पुलिस बैंड सार्वजनिक स्थलों पर देशभक्ति गीतों की धुन बजाएगा।
- नगरीय विकास (UDH): प्रमुख चौराहों और स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं पर लाइटिंग और पुष्पांजलि कार्यक्रम।
- आईटी विभाग: सभी सरकारी वेबसाइटों पर ‘वन्दे मातरम्’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की पट्टिका (Banner) प्रदर्शित की जाएगी।
- सिनेमाघर: जिला कलेक्टर सुनिश्चित करेंगे कि सिनेमाघरों में फिल्म प्रदर्शन से पूर्व वन्दे मातरम् का गायन हो।
व्यापक जनसहभागिता पर जोर
अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने बताया कि इन कार्यक्रमों में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अनाथालयों, हॉस्टलों, वरिष्ठ नागरिक संगठनों और गैर-सरकारी संस्थानों (NGOs) को भी इस अभियान से जोड़ा गया है।
मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टर्स को भारत सरकार द्वारा जारी SOP का कड़ाई से पालन करने और आयोजन को भव्य बनाने के निर्देश दिए हैं।
