Expose Now रिपोर्ट: PHED में 2500 करोड़ के भुगतान संकट पर गरमाई सियासत, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सीएम भजनलाल शर्मा को लिखा पत्र, संवेदकों की 8 सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग

जयपुर। राजस्थान के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) में संवेदकों के करीब 2500 करोड़ के अटके भुगतान और संभावित पेयजल संकट को लेकर अब सियासी पारा चढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर ‘आल राजस्थान पीएचईडी कांट्रेक्टर एसोसिएशन संघर्ष समिति’ की 8 सूत्रीय मांगों और पिछले 3 वर्षों से लंबित भुगतानों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की है। गहलोत ने चेताया है कि यदि संवेदकों की वित्तीय समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो इसका सीधा असर प्रदेश में चल रही पेयजल परियोजनाओं के निर्माण, संचालन और संधारण (Maintenance) पर पड़ेगा।

बैठकों में बनी सहमति के बावजूद नहीं हुआ 2500 करोड़ का भुगतान:-

पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में विभागीय बैठकों के समझौतों का हवाला देते हुए लिखा कि:

-मई 2026 का वादा टूटा: 22 अप्रैल 2026 और 16 जून 2026 को विभागीय अधिकारियों व संवेदक प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठकों में मई 2026 के अंत तक केंद्र व राज्य सरकार के स्तर से करीब 2,500 करोड़ का भुगतान करवाने का आश्वासन दिया गया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ।

-गंभीर वित्तीय संकट: भुगतान अटकने से संवेदकों के सामने बैंक ऋण, श्रमिकों की मजदूरी, मशीनरी का किराया, डीजल और विद्युत बिल चुकाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

समझौते के इन प्रमुख बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग:-

पत्र में संघर्ष समिति के 26 अगस्त 2026 के ज्ञापन का संदर्भ देते हुए कई लंबित मुद्दों पर समयबद्ध कार्रवाई की मांग उठाई गई है:

-अंतिम बिलों का भुगतान: पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के फाइनल बिलों का तत्काल निस्तारण।

-डायवर्जन व डेविएशन: स्वीकृत डायवर्जन/डेविएशन के बकाए का भुगतान।

-सिक्योरिटी डिपॉजिट व GST: सुरक्षा राशि (Security Deposit) की वापसी और जीएसटी (GST) के बढ़े हुए भार का पुनर्भुगतान।

-तकनीकी व प्रशासनिक अड़चनें: समय-विस्तार (Time Extension), प्राइस वेरिएशन (Price Variation), लिक्विडेटेड डैमेज (LD) और कंप्लीशन सर्टिफिकेट (Completion Certificate) से जुड़े प्रकरणों का समाधान।

-परियोजनाओं का हस्तांतरण: पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं को विभाग द्वारा विधिवत हैंडओवर लेना।

स्थायी भुगतान व्यवस्था लागू करने पर जोर:-

गहलोत ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि विभाग और संघर्ष समिति के बीच हुए समझौते के तहत न केवल पुराने भुगतानों को प्राथमिकता से निपटाया जाए, बल्कि भविष्य के लिए संवेदकों के लिए स्थायी एवं समयबद्ध भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रदेश की जनता को निर्बाध पेयजल आपूर्ति मिलती रहे।

ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now


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