7 साल की फरारी, 40 हजार का इनाम और मंदिर का पुजारी: ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़ा करौली का खूंखार हत्यारा नागेश शर्मा

करौली। करौली जिले की पुलिस ने ‘ऑपरेशन हन्ता’ के तहत एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। वर्ष 2019 के एक सनसनीखेज डबल मर्डर (दोहरे हत्याकांड) मामले में पिछले सात वर्षों से फरार चल रहे 40 हजार रुपये के इनामी बदमाश नागेश उर्फ पिन्टू शर्मा को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस से बचने के लिए यह खूंखार अपराधी पिछले 7 सालों से पुजारी का वेश धारण कर भारत के 8 राज्यों और नेपाल के मंदिरों में फरारी काट रहा था।

यह कार्रवाई महानिदेशक पुलिस, राजस्थान के निर्देशानुसार संगठित और हार्डकोर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। महानिरीक्षक पुलिस (भरतपुर रेंज) कैलाश चन्द्र बिश्नोई और जिला पुलिस अधीक्षक (करौली) लोकेश सोनवाल के निर्देशन में जिला स्पेशल टीम (DST) और साइबर सेल ने संयुक्त रूप से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।

खेत की फसल की रंजिश में की थी सरेआम दो हत्याएं

इस वीभत्स हत्याकांड की शुरुआत 19 फरवरी 2019 को हुई थी। प्रार्थीया रामदेई (पत्नी बजरंगलाल शर्मा, निवासी हुक्मीखेडा) ने सूरौठ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। प्रार्थीया का परिवार और उनके साझीदार खेतों में जानवरों से फसल का नुकसान नहीं होने देते थे, इसी बात को लेकर आरोपी पक्ष उनसे गहरी रंजिश रखता था।

वारदात का दिन: आरोपी राकेश, नागेश उर्फ पिंटू, जगदीश और कमला आदि ने एक सोची-समझी साजिश के तहत प्रार्थीया के पति बजरंगलाल (जो न्यायालय कर्मचारी थे), साझीदार की पत्नी विमलेश और उसके लड़के कमल पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने सरेआम बंदूकों से अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं।

  • नतीजा: इस नृशंस हमले में बजरंगलाल और विमलेश की अस्पताल में मौत हो गई थी, जबकि कमल गंभीर रूप से घायल हो गया था।
  • कार्रवाई: इस मामले में 3 आरोपियों को पुलिस पूर्व में ही गिरफ्तार कर चुकी थी, लेकिन मुख्य शूटर नागेश वारदात के दिन से ही फरार था। उस पर पहले ₹25,000 का इनाम घोषित था, जिसे आईजी भरतपुर रेंज द्वारा बढ़ाकर ₹40,000 कर दिया गया था।

पुजारी बनकर बदलता रहा ठिकाने, 2 किमी पीछा कर पकड़ा

जांच के दौरान पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी लगातार अपना नाम, पता और वेशभूषा बदलकर मंदिरों में ‘पुजारी’ बनकर रह रहा है। वह अपनी फरारी के दौरान राजस्थान, गुजरात, नेपाल, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के विभिन्न मंदिरों में रुका।

पश्चिम बंगाल में मिली लोकेशन: साइबर सेल की तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की अंतिम लोकेशन पश्चिम बंगाल के पानागढ़ जिले के तेलीपाड़ा गांव स्थित ‘तारा माता मंदिर’ में ट्रेस की गई।

फिल्मी अंदाज में हुई गिरफ्तारी: जब करौली पुलिस की टीम ने मंदिर पर दबिश दी, तो पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने हार नहीं मानी और करीब दो किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उसे दबोच लिया। शुरुआत में आरोपी ने खुद को ‘भूरा गोस्वामी’ बताकर पुलिस को गुमराह करने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन पहचान दस्तावेजों की गहन जांच में उसकी असली पहचान नागेश उर्फ पिन्टू शर्मा के रूप में उजागर हो गई।

हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी बंदूक भी बरामद

गिरफ्तारी के बाद करौली पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आई। रिमांड के दौरान गहन पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी 12 बोर बंदूक भी बरामद कर ली गई है।

सफल ऑपरेशन में इनकी रही अहम भूमिका

इस खूंखार अपराधी की गिरफ्तारी में आधुनिक तकनीकी विधियों, साइबर ट्रैकिंग और लगातार निगरानी की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस साहसिक कार्रवाई में डीएसटी (DST) प्रभारी रामकुमार, साइबर सेल के जगमोहन, डीएसटी के सत्येन्द्र शर्मा, आकाश सोलंकी, एसके कंवर तथा अन्य पुलिसकर्मियों की विशेष भूमिका रही। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

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