जोधपुर के जल संकट पर सियासत तेज: मंत्री जोगाराम पटेल ने जलापूर्ति के आंकड़ों के साथ कांग्रेस और गहलोत पर साधा निशाना

जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर और मारवाड़ क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा प्रदेश सरकार पर जल प्रबंधन में विफलता के आरोप लगाए जाने के बाद संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने पलटवार करते हुए कांग्रेस और पूर्ववर्ती गहलोत सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने जलापूर्ति और पेयजल परियोजनाओं से जुड़े आंकड़े जारी करते हुए दावा किया कि वर्तमान सरकार लगातार हालात सुधारने में जुटी है, जबकि कांग्रेस सरकार अपने लंबे शासनकाल में स्थायी समाधान देने में विफल रही।

जल संकट को लेकर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

हाल के दिनों में जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को लेकर जनता की शिकायतें सामने आई हैं। इसी मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार राज्य सरकार पर निशाना साध रहे हैं और मारवाड़ क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं। इसके जवाब में मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को जनता को भ्रमित करने के बजाय अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए।

पटेल ने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद जोधपुर और मारवाड़ क्षेत्र के लिए मजबूत और दीर्घकालिक जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित नहीं की।

गहलोत सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मंत्री पटेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान कई महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में अपेक्षित गति नहीं दिखाई गई, जिससे आज भी क्षेत्र के कई हिस्सों में पानी की समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार जल संकट के स्थायी समाधान के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है और पेयजल परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने, नई पाइपलाइन परियोजनाओं और जल स्रोतों के विकास पर लगातार निवेश कर रही है।

गहलोत पहले भी उठा चुके हैं जल संकट का मुद्दा

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कई बार जोधपुर और मारवाड़ क्षेत्र में पानी की कमी का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी सरकार के दौरान शुरू की गई महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं की गति वर्तमान सरकार के कार्यकाल में धीमी पड़ गई है। गहलोत का दावा है कि उनकी सरकार ने राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल परियोजना सहित कई योजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश किया था।

जनता के बीच बना अहम मुद्दा

मारवाड़ क्षेत्र में बढ़ती गर्मी और जल संकट के कारण पेयजल आपूर्ति का मुद्दा आम जनता के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषयों में शामिल हो गया है। विभिन्न क्षेत्रों से जलापूर्ति में बाधा और टैंकरों पर निर्भरता की शिकायतें सामने आती रही हैं। हाल ही में पानी की मांग को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच विवाद भी सुर्खियों में रहा है।

भाजपा और कांग्रेस में बढ़ी राजनीतिक टकराहट

जल संकट के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। एक ओर कांग्रेस वर्तमान सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि आज की समस्याएं पूर्ववर्ती सरकारों की नीतिगत विफलताओं का परिणाम हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में जलापूर्ति और पेयजल परियोजनाएं राजस्थान की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन सकती हैं।

फिलहाल, जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए जमीन पर कितनी तेजी से काम होता है।

Share This Article
Leave a Comment