सीएम भजनलाल शर्मा के विजन पर JDC सिद्धार्थ महाजन का एक्शन, JDA ने ऑनलाइन किया जमीनों का ब्योरा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ‘सुशासन, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन’ के विजन को धरातल पर उतारते हुए जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के निर्देशन में जेडीए ने अपनी प्रशासनिक कार्यप्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाते हुए भूमि आवंटन से जुड़े तमाम रिकॉर्ड अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिए हैं।

इस पहल से आमजन का सरकारी सिस्टम पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा और किसी भी प्रकार की अपारदर्शिता या भ्रांतियों पर पूरी तरह से रोक लगेगी।

2014 से 2026 तक का ‘भूमि के बदले भूमि’ का डेटा ऑनलाइन

जयपुर विकास आयुक्त (JDC) सिद्धार्थ महाजन ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन को उत्तरदायी बनाने के क्रम में जेडीए द्वारा वर्ष 2014 से वर्ष 2026 तक ‘भूमि के बदले भूमि’ (Land for Land) से संबंधित प्रकरणों में आवंटित भूमि का विस्तृत विवरण सार्वजनिक कर दिया गया है। कोई भी आम नागरिक अब जेडीए की आधिकारिक वेबसाइट jda.rajasthan.gov.in पर जाकर यह पूरी सूची देख सकता है। इसे प्रशासनिक जन-जवाबदेही की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है।

वेबसाइट पर क्या-क्या जानकारी मिलेगी?

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जेडीए ने आवंटन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी को पोर्टल पर डाला है। वेबसाइट पर उपलब्ध डेटा में निम्नलिखित विवरण शामिल हैं:

  • संबंधित जोन और योजना का नाम
  • भूखण्ड संख्या (Plot Number) और भूखण्ड की साइज
  • भूमि का उपयोग (Land Use)
  • प्रोपर्टी आईडी (Property ID)
  • आवेदक या आवंटी का नाम
  • आवंटन की दिनांक (Allotment Date)

संस्थानिक भूमि आवंटन का रिकॉर्ड भी हुआ सार्वजनिक

‘भूमि के बदले भूमि’ के अलावा, जेडीए ने विभिन्न संस्थाओं को दी गई जमीनों का ब्योरा भी ऑनलाइन कर दिया है। जेडीए की शुरुआत से लेकर वर्ष 2026 तक शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सेवा, शोध, प्रशिक्षण, खेल, जन सुविधाओं, समाचार पत्रों एवं अन्य संस्थानिक उपयोग हेतु नियमानुसार आवंटित की गई भूमि का विस्तृत रिकॉर्ड वेबसाइट पर डाल दिया गया है। इससे अब यह आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि किस संस्था को, किस उद्देश्य के लिए, कितनी जमीन दी गई है।

जल्द अपलोड होगा 2002 से 2013 तक का डेटा

जेडीए प्रशासन पारदर्शिता की इस मुहिम को केवल 2014 तक ही सीमित नहीं रख रहा है। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2002 से 2013 तक के ‘भूमि के बदले भूमि’ से संबंधित पुराने प्रकरणों की सूचनाओं को भी जेडीए वेबसाइट पर अपलोड करने की प्रक्रिया प्रगतिरत है। संबंधित अभिलेखों (Records) के संकलन और तकनीकी प्रक्रिया के पूरे होते ही यह पुराना डेटा भी शीघ्र ही आमजन के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।

प्रशासनिक निर्णयों में स्पष्टता

राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जेडीए यह सुनिश्चित कर रहा है कि उसका प्रत्येक प्रशासनिक निर्णय स्पष्ट, तथ्यात्मक और सार्वजनिक हो। भूमि आवंटन जैसी महत्वपूर्ण और संवेदनशील सूचनाओं को बेवसाइट पर प्रदर्शित करने से आमजन में जेडीए के प्रति सकारात्मक भावना और मजबूत हुई है।

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