जयपुर: राजधानी जयपुर के सिंधीकैंप थाना इलाके में रोड रेज और दबंगई का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पोलो विक्ट्री, स्टेशन रोड पर अहले सुबह महज हॉर्न बजाने और डिपर मारने के विवाद में कुछ मनचलों ने झालावाड़ में पदस्थापित एक पुलिस उप-निरीक्षक (Sub-Inspector) के साथ मारपीट की और नकली पिस्तौल दिखाकर धमकाया। सिंधीकैंप थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस वारदात में शामिल 4 हाई-प्रोफाइल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
नकली पिस्तौल से रोब झाड़ना पड़ा भारी
पुलिस उपायुक्त (जयपुर पश्चिम) प्रशांत किरण (IPS) ने बताया कि घटना 4 सितंबर 2026 की सुबह की है। पोलो विक्ट्री के पास कुछ कार सवार युवकों द्वारा तेज हॉर्न और डिपर बजाया जा रहा था। जब वहां मौजूद एसआई ने उन्हें ऐसा करने से रोका, तो आरोपी आगबबूला हो गए और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान एक आरोपी ने लाइटर-नुमा नकली डमी पिस्तौल निकालकर पुलिसकर्मी को डराने की कोशिश की।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज, चार आरोपी गिरफ्तार
सिंधीकैंप थानाधिकारी वंदना नरूका के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने 22 सितंबर को वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार (RJ 59 CB 1771) सहित चारों आरोपियों को धर दबोचा:
- गोविन्द सिंह (होटल में जनरल मैनेजर)
- सूर्यप्रताप सिंह
- गजेन्द्र सिंह
- वीरन्द्र सिंह
क्लब से पार्टी कर लौट रहे थे आरोपी
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि ये सभी आरोपी जयपुर के वैशाली नगर, 22 गोदाम और बनीपार्क स्थित नामी होटलों व क्लबों में जनरल मैनेजर और कैशियर के पदों पर कार्यरत हैं। वारदात की रात वे पार्टी करने के बाद शहर में घूम रहे थे। आरोपी गोविन्द सिंह दोस्तों के सामने रोब जमाने के लिए सिगरेट जलाने वाली लाइटर-नुमा डमी पिस्तौल साथ रखता था, जिसे उसने विवाद के दौरान एसआई पर तान दिया था। पुलिस ने पिस्तौल और कार जब्त कर आरोपियों को अदालत में पेश कर दिया है।