जयपुर। राजधानी में पेयजल समस्याओं के अंबार और उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) ने सख्त रुख अख्तियार किया है। विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता (जयपुर क्षेत्र-द्वितीय) ने कार्यालय आदेश जारी कर अधिकारियों की जवाबदेही तय की है।
दफ्तर में मिलना होगा अनिवार्य
नए आदेश के अनुसार, जयपुर क्षेत्र-द्वितीय के अधीन आने वाले सभी सहायक अभियंताओं (AEN) और अधिशाषी अभियंताओं (XEN) को प्रत्येक कार्य दिवस पर सुबह 10.00 बजे से 11.00 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में उपस्थित रहना होगा। कार्यालय में पेयजल संबंधी समस्याओं को लेकर आने वाले उपभोक्ताओं की सीधी सुनवाई करना और उनका त्वरित निराकरण करना।

बिना अनुमति गायब रहे तो होगी कार्रवाई
अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ द्वारा जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विशेष परिस्थितियों में ही कार्यालय से बाहर जाने की छूट मिलेगी। यदि कोई अधिकारी इस निर्धारित समय में कार्यालय में उपस्थित नहीं रह सकता, तो उसे अपने संबंधित अधीक्षण अभियंता (SE) या अधिशाषी अभियंता से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था जयपुर के नगर वृत्त (उत्तर/दक्षिण), जिला वृत्त और परियोजना वृत्त (शहरी) के अंतर्गत आने वाले सभी खंडों और उपखंडों में तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
अक्सर देखा जाता है कि पेयजल किल्लत की शिकायत लेकर पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को साहब के ‘फील्ड विजिट’ पर होने का बहाना बनाकर टाल दिया जाता है। विभाग का यह आदेश कागजों तक सीमित रहता है या जनता को वास्तव में राहत मिलती है, एक्सपोज नाउ इस पर पैनी नजर रखेगा।
