जयपुर: राजधानी जयपुर की जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर फर्जी विज्ञापन देकर लोगों को अपने जाल में फंसाने, ब्लैकमेल करने और लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी गूगल पर फर्जी विज्ञापन चलाकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते थे।
रास्ता पूछने के बहाने कार में बैठाकर की लूटपाट
पुलिस के अनुसार, यह पूरी घटना 1 जून 2026 की रात करीब 11:00 बजे की है। परिवादी विकास कुमार मीणा जगतपुरा रेलवे स्टेशन से अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रास्ता पूछने के बहाने रोका और कार में बैठने को कहा। जैसे ही पीड़ित कार में बैठा, आरोपियों ने लाठी-डंडों से उसके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।
आरोपियों ने पीड़ित की जेब से 15,000 रुपये नकद और उसका मोबाइल फोन छीन लिया। इसके बाद जान से मारने की धमकी देते हुए उसे एक सुनसान इलाके में कार से नीचे फेंक दिया और फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और जांच शुरू कर दी।
गूगल एड्स के जरिए बिछाते थे जाल
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। यह गिरोह इंटरनेट और सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कर रहा था:
- आरोपी गूगल पर “एस्कॉर्ट सर्विस” के नाम से लुभावने फर्जी विज्ञापन चलाते थे।
- विज्ञापनों में दिए गए नंबरों पर जब कोई ग्राहक संपर्क करता था, तो वे एडवांस पैसे ऐंठ लेते थे।
- लड़की उपलब्ध न कराने पर जब ग्राहक विरोध करता था, तो उसे किसी निश्चित स्थान पर मिलने के बहाने बुलाया जाता था।
- मिलने के बाद वे ग्राहक को कार में जबरन बैठाकर मारपीट करते, अश्लील वीडियो या तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करते और सारा सामान लूट लेते थे।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में निम्नलिखित दो आरोपियों को दबोचा गया है:
- हेमन्त पाठक (उम्र 23 वर्ष), निवासी: महापुरा, थाना भांकरोटा, जयपुर (मूल निवासी: बामनगांव, जिला बूंदी)।
- रक्षा मलकानी (उम्र 31 वर्ष), निवासी: डीडीसीएल अपार्टमेंट, शक्ति बिहार, मुहाना मंडी, जयपुर (मूल निवासी: मुंबई, महाराष्ट्र)।
पुलिस अधिकारियों की भूमिका
यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (जयपुर पूर्व) रंजीता शर्मा (IPS) और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पारस जैन के निर्देशन में की गई। जवाहर सर्किल थानाधिकारी महेश चन्द्र (पु.नि.) के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिर की सूचना पर आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है और गिरोह के अन्य सदस्यों तथा अन्य वारदातों के बारे में गहन पूछताछ जारी है।