जयपुर: जयपुर पुलिस और सीएसटी (CST) की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े अंतरराज्यीय नकली नोट गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 लाख 30 हजार 500 रुपए की फेक करेंसी (500-500 के 861 नकली नोट) बरामद की है। इस मामले में शुक्रवार देर रात चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से परिवहन में उपयोग की गई लग्जरी गाड़ियां (स्कोर्पियो और फॉर्च्यूनर) भी जब्त की गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और सप्लाई चेन
पुलिस की शुरुआती जांच में इस अवैध कारोबार का इंटरनेशनल कनेक्शन सामने आया है। आरोपी ढाका (बांग्लादेश) में प्रिंट होने वाले नकली नोटों को तस्करी के जरिए भारत लाते थे। इसके बाद यह खेप कोलकाता से हरियाणा और फिर वहां से जयपुर पहुंचाई जाती थी।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना अमन राणा है, जो रोहतक (हरियाणा) का रहने वाला है और फिलहाल कोलकाता में रहकर इस नेटवर्क को संचालित कर रहा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- अंशुल (24 वर्ष) – निवासी राजीव कॉलोनी, रोहतक, हरियाणा
- साहिल चौधरी (24 वर्ष) – निवासी रामसीसर, सीकर, राजस्थान
- प्रियांशु (21 वर्ष) – निवासी करौइया, रोहतक, हरियाणा
- आकाश (26 वर्ष) – निवासी काहनौर, रोहतक, हरियाणा
1 लाख असली के बदले 5 लाख नकली नोट और USDT से भुगतान
स्पेशल कमिश्नर (ऑपरेशन) ओमप्रकाश ने बताया कि आरोपी 1 लाख रुपए के असली नोट के बदले 5 लाख रुपए की नकली करेंसी उपलब्ध कराते थे। लेनदेन को पुलिस और जांच एजेंसियों की नजरों से बचाने के लिए आरोपी डिजिटल करेंसी USDT (क्रिप्टो करेंसी) का इस्तेमाल करते थे। जयपुर में पकड़ा गया आरोपी साहिल चौधरी क्रिप्टो से जुड़ा काम संभालता था, जिसे यह खेप सौंपने के लिए हरियाणा से तीनों आरोपी जयपुर आए थे।
चुनाव से पहले बड़ी खेप खपाने की थी तैयारी
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह 4.30 लाख रुपए की खेप केवल एक ‘टेस्ट’ के रूप में जयपुर भेजी गई थी। आगामी चुनावों के मद्देनजर इस गिरोह की योजना जयपुर में बड़े पैमाने पर नकली करेंसी खपाने की थी, जिसे समय रहते पुलिस ने विफल कर दिया। आरोपियों के मोबाइल से 23 मई 2025 को उनके कोलकाता दौरे के वीडियो भी मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे लंबे समय से संगठित रूप से इस अपराध में संलिप्त थे।
फिलहाल बजाज नगर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की विशेष टीमें मुख्य आरोपी अमन राणा की तलाश में रोहतक और कोलकाता भेजी जा रही हैं, तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की सुरागरसी की जा रही है।