क्या आपके नाम पर कोई और चला रहा है सिम? ‘संचार साथी’ पोर्टल से करें तुरंत जांच और साइबर फ्रॉड को कहें ‘ना’

जयपुर। बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम कसने और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) के ‘संचार साथी’ पोर्टल को लेकर एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। साइबर ठगों द्वारा अपनाई जा रही नई तकनीकों के दौर में यह पोर्टल मोबाइल चोरी, सिम फ्रॉड और संदिग्ध कॉल्स से बचाव का एक प्रभावी हथियार बन गया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वी.के. सिंह ने आम नागरिकों से इस पोर्टल और मोबाइल ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है।

संचार साथी पोर्टल: साइबर सुरक्षा के पांच प्रमुख हथियार

एडीजी वी.के. सिंह ने पोर्टल की विशेषताओं को विस्तार से समझाते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है:

  • खोया या चोरी हुआ मोबाइल करें ब्लॉक: पोर्टल के ‘Block Your Lost/Stolen Mobile Handset’ फीचर के जरिए कोई भी व्यक्ति अपने गुम हुए मोबाइल के IMEI नंबर को तुरंत ब्लॉक कर सकता है। इससे फोन का किसी भी सिम कार्ड के साथ इस्तेमाल असंभव हो जाएगा। मोबाइल वापस मिलने पर इसे आसानी से अनब्लॉक भी किया जा सकता है।
  • मोबाइल की असलियत की करें जांच (KYM): ‘Know Your Mobile’ मॉड्यूल के जरिए नया या पुराना फोन खरीदने से पहले उपभोक्ता उसके IMEI नंबर से यह पता लगा सकते हैं कि वह फोन ब्लैकलिस्टेड, डुप्लीकेट या चोरी का तो नहीं है।
  • आपके नाम पर एक्टिव सिम की जानकारी (TAFCOP): ‘TAFCOP’ फीचर का उपयोग कर कोई भी नागरिक यह जान सकता है कि उसके नाम पर वर्तमान में कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं। यदि सूची में कोई अनजान नंबर दिखता है, तो उसकी रिपोर्ट करके उसे तुरंत बंद करवाया जा सकता है।
  • फर्जी कॉल्स की रिपोर्टिंग (चक्षु पोर्टल): ‘चक्षु’ (CHAKSHU) पोर्टल के माध्यम से व्हाट्सएप, कॉल या एसएमएस पर आने वाली लॉटरी, फर्जी नौकरी, केवाईसी अपडेट या बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी के प्रयासों की शिकायत दर्ज की जा सकती है।
  • कॉलर आईडी स्पूफिंग से बचाव: साइबर अपराधी अब विदेशों से कॉल करते हुए भारतीय नंबर दिखाने (कॉलर आईडी स्पूफिंग) की तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे मामलों में ‘Report Incoming International Call With Indian Number’ फीचर के जरिए शिकायत की जा सकती है।

धोखाधड़ी होने पर तुरंत यहां करें संपर्क

राजस्थान पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधि का शिकार होने पर तुरंत सूचना दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। सूचना के लिए निम्नलिखित माध्यम उपलब्ध हैं:

  • राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल: https://cybercrime.gov.in
  • साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930
  • राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क: 9256001930, 9257510100
  • अन्य: निकटतम पुलिस स्टेशन या स्थानीय साइबर पुलिस स्टेशन पर भी रिपोर्ट की जा सकती है।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि साइबर सुरक्षा में आपकी सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। डिजिटल लेन-देन और अज्ञात कॉल्स के प्रति सावधानी बरतें और अपने सिम व मोबाइल डेटा को सुरक्षित रखने के लिए संचार साथी पोर्टल का नियमित उपयोग करें।

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