जयपुर, 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य में जयपुर के भवानी निकेतन शिक्षा समिति परिसर में आयोजित ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी में भारतीय सेना के शौर्य और तकनीकी श्रेष्ठता की जीवंत झलक देखने को मिल रही है। इस प्रदर्शनी में सबसे अधिक चर्चा उस YIHA-III ड्रोन की हो रही है, जिसे भारतीय सेना ने पिछले वर्ष ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सफलतापूर्वक मार गिराया था।
ऑपरेशन सिंदूर: जब दुश्मन की ‘आसमान से हमले’ की साजिश हुई नाकाम
10 मई 2025 की सुबह, पाकिस्तानी सेना ने अपने ऑपरेशन “बुनयान उल मरसूस” के तहत भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए अत्याधुनिक YIHA-III कामिकाज़े (आत्मघाती) ड्रोन का उपयोग किया था।
- सटीक निशाना: यह ड्रोन मुख्यालय 80 इन्फैंट्री ब्रिगेड (नौशेरा) को निशाना बनाने के लिए सियालकोट से भेजा गया था।
- सेना की मुस्तैदी: भारतीय सतर्क टुकड़ियों ने इसे सीमा पार करते ही हवा में ही नष्ट कर दिया।
- फोरेंसिक साक्ष्य: बरामद मलबे की जांच से पता चला कि इसमें 10 किलोग्राम का घातक वारहेड लगा था और इसमें नौशेरा के सटीक निर्देशांक (Coordinates) पहले से फीड किए गए थे।
क्या है YIHA-III ड्रोन की ताकत?
यह ड्रोन आधुनिक युद्धक तकनीक का एक घातक उदाहरण है, जिसे तुर्की और पाकिस्तान ने संयुक्त रूप से विकसित किया है:
- निर्माता: इसे तुर्की की प्रसिद्ध कंपनी ‘Baykar’ और पाकिस्तान के ‘NASTP’ ने तैयार किया है।
- मारने का तरीका: यह ड्रोन लक्ष्य के ऊपर काफी समय तक मंडरा सकता है (Loitering) और पहचान होने पर वर्टिकल डाइव (सीधी गिरावट) मारकर हमला करता है।
- स्वॉर्म मोड: यह ड्रोन अकेले या एक साथ दर्जनों के समूह (Swarm Mode) में हमला करने में सक्षम है।
- रेंज: इसकी मारक क्षमता लगभग 200 किलोमीटर तक है।
प्रदर्शनी में आधुनिक मारक क्षमता का प्रदर्शन
प्रदर्शनी में न केवल दुश्मन के नाकाम हथियारों को दिखाया गया है, बल्कि भारतीय सेना की अपनी ताकत का भी प्रदर्शन किया जा रहा है:
- मिसाइल प्रणालियाँ: ब्रह्मोस (BrahMos) और अन्य बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियों के मॉडल।
- आर्टिलरी और टैंक: सेना के मुख्य युद्धक टैंक और स्व-चालित तोपें (Self-Propelled Guns)।
- ड्रोन डिफेंस: भारतीय सेना द्वारा विकसित ‘एंटी-ड्रोन सिस्टम’ जो भविष्य के युद्धों के लिए सुरक्षा कवच है।
“यह प्रदर्शनी केवल हथियारों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि हमारे जवानों के उस साहस की कहानी है जिसने तकनीक के मामले में भी दुश्मन को हर बार मात दी है।” — सैन्य अधिकारी, प्रदर्शनी केंद्र
नागरिक जुड़ाव और ‘शौर्य संध्या’
यह प्रदर्शनी 12 जनवरी तक चलेगी। इसके बाद 15 जनवरी को जयपुर के एसएमएस (SMS) स्टेडियम में ‘शौर्य संध्या’ का आयोजन होगा, जिसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वीरतापूर्ण गाथा को लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से दोबारा जीवंत किया जाएगा।
