नई दिल्ली: वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग के बीच भारतीय रुपया शुक्रवार को अपने अब तक के सबसे निचले स्तर के करीब पहुंच गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 30 पैसे की भारी गिरावट के साथ 95.94 प्रति डॉलर पर बंद होने की कगार पर दिखा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मांग इसी तरह जारी रही, तो रुपया जल्द ही 96 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर सकता है।
कच्चा तेल और डॉलर इंडेक्स का दोहरा झटका
रुपये की कमजोरी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का 107.09 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचना है। इसके साथ ही, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.24% बढ़कर 99.05 पर कारोबार कर रहा है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की धीमी उम्मीदों ने डॉलर को और मजबूती दी है, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बढ़ा है।

ट्रम्प-शी शिखर सम्मेलन: उम्मीदें कम, चिंताएं ज्यादा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बहुचर्चित बैठक से कोई ठोस परिणाम नहीं निकलने के कारण निवेशकों का मनोबल गिरा है। विशेष रूप से ताइवान मुद्दे पर असहमति और ईरान से चीन द्वारा तेल की खरीद जारी रहने ने भू-राजनीतिक तनाव को और हवा दी है। सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पबारी के अनुसार, “जब भी वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षा के लिए डॉलर का रुख करते हैं, जिससे रुपये जैसी मुद्राओं पर दबाव बढ़ जाता है।”
घरेलू मोर्चे पर सरकार के सख्त कदम
रुपये की गिरावट और व्यापार घाटे को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने दो बड़े फैसले लिए हैं:
- ईंधन की कीमतों में वृद्धि: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है ताकि घरेलू मांग को नियंत्रित किया जा सके।
- सोने के आयात पर सीमा: सरकार ने अग्रिम प्राधिकरण योजना के तहत सोने के आयात पर 100 किलोग्राम की सीमा तय कर दी है। पहले इस पर कोई सीमा नहीं थी, लेकिन अब शुल्क-मुक्त आयात की निगरानी सख्त कर दी गई है।

बांड मार्केट से उम्मीद की किरण
बाजार में गिरावट के बीच एक सकारात्मक खबर यह रही कि सरकार विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बांडों पर दिए जाने वाले टैक्स में बड़ी कटौती पर विचार कर रही है। इस खबर के आते ही गुरुवार को रुपये में कुछ सुधार देखा गया था, हालांकि शुक्रवार की वैश्विक परिस्थितियों ने उस सुधार को पीछे छोड़ दिया।
शेयर बाजार का हाल
मुद्रा बाजार में जारी उठापटक के बावजूद घरेलू शेयर बाजार में हल्की बढ़त देखी गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 239 अंक बढ़कर 75,637 पर और निफ्टी 78 अंक की बढ़त के साथ 23,767 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को 187.46 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की।
