जयपुर: राजस्थान के ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मंगलवार को शासन सचिवालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं, विशेषकर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
लखपति दीदी योजना में राजस्थान की बड़ी उपलब्धि
डॉ. मीणा ने बताया कि महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने वाली ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत प्रदेश में अब तक 15 लाख 95 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। इसके अतिरिक्त:
- प्रशिक्षण: लगभग 19.90 लाख संभावित लखपति दीदियों को प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
- ऋण सहायता: मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना के तहत 1 लाख महिलाओं को 270 करोड़ रुपये का ऋण 1.5% की रियायती ब्याज दर पर वितरित किया गया है।
राजीविका और स्वयं सहायता समूहों (SHG) की सफलता
बैठक में ‘राजीविका’ (Rajeevika) के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों की बिक्री और समूहों की मजबूती पर चर्चा हुई:
- बिक्री के रिकॉर्ड: ‘दीपावली सुमंगल मेला 2025’ में 1.37 करोड़ और ‘राष्ट्रीय राज सखी मेला 2025’ में रिकॉर्ड 8.55 करोड़ रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई।
- महिला निधि: राजस्थान महिला निधि के माध्यम से 49,448 स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को अब तक 770.49 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका है।
- नवाचार: वन विभाग के सहयोग से स्मृति वन में राजीविका कियोस्क की स्थापना की जा रही है।
ग्रामीण बुनियादी ढांचा और आवास
मंत्री ने पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए ‘मगरा क्षेत्रीय विकास योजना’ और ‘पीएम आवास योजना’ (ग्रामीण) की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पक्के मकानों का निर्माण तेजी से पूरा किया जाए ताकि ग्रामीण परिवारों को समय पर छत मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए और अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने और कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्रामीण विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेया गुहा, राजीविका प्रोजेक्ट डायरेक्टर नेहा गिरि और मनरेगा आयुक्त पुष्पा सत्यानी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
