सवाई माधोपुर। राजस्थान के गंगापुर सिटी में राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) विभाग ने टैक्स चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई कोचिंग संस्थानों पर एक साथ छापेमारी की। विभाग की इस कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के लेनदेन में जीएसटी नियमों के उल्लंघन और कर चोरी की आशंका जताई जा रही है।
एक साथ कई कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई
SGST विभाग की विशेष टीम ने गंगापुर सिटी के विभिन्न कोचिंग संस्थानों पर एक साथ पहुंचकर दस्तावेजों की जांच शुरू की। अधिकारियों ने संस्थानों के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड, फीस संग्रह से जुड़े दस्तावेज, बैंक लेनदेन और जीएसटी रिटर्न का मिलान किया।
विभाग को संदेह है कि कुछ कोचिंग संस्थान वास्तविक आय की तुलना में कम टर्नओवर दिखाकर कर दायित्व से बच रहे थे।
फीस वसूली और खातों की होगी जांच
अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान छात्रों से ली गई फीस, नकद भुगतान, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और अकाउंट बुक्स की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। कई संस्थानों से कंप्यूटर हार्ड डिस्क, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
SGST विभाग अब पिछले कई वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करेगा ताकि टैक्स चोरी की वास्तविक राशि का आकलन किया जा सके।
जीएसटी पंजीकरण और रिटर्न में मिलीं अनियमितताएं
प्रारंभिक जांच में कुछ कोचिंग संस्थानों द्वारा जीएसटी पंजीकरण, समय पर रिटर्न दाखिल नहीं करने और वास्तविक आय छिपाने जैसी अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि कहीं कुछ संस्थान अलग-अलग नामों से संचालन कर कर देनदारी कम करने की कोशिश तो नहीं कर रहे थे।
कार्रवाई से मचा हड़कंप
अचानक हुई इस छापेमारी के बाद गंगापुर सिटी के कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया। कई संस्थानों में अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच भी चर्चा का विषय बना रहा।
स्थानीय व्यापारिक संगठनों का कहना है कि कर नियमों का पालन करने वाले संस्थानों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
SGST अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल दस्तावेजों की जांच जारी है। यदि टैक्स चोरी की पुष्टि होती है तो संबंधित संस्थानों पर जुर्माना, बकाया कर की वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग का कहना है कि प्रदेशभर में टैक्स चोरी रोकने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।