करौली: स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर करौली जिले की ग्राम पंचायत बरखेड़ा में पर्यावरण संरक्षण और बेटियों के सशक्तिकरण को समर्पित एक अनूठा वृक्षारोपण कार्यक्रम ‘सृजन की सुरक्षा’ योजना के तहत आयोजित किया गया। इस आयोजन में एक तरफ जहाँ बेटियों के सम्मान का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर प्रकृति संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बरखेड़ा का चयन
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA) जयपुर की पहल पर लागू ‘रालसा वन एवं बालिका वर्ष 2025—सृजन की सुरक्षा योजना’ के तहत बरखेड़ा ग्राम पंचायत को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित किया गया है।
- योजना के अंतर्गत 1 अप्रैल 2026 से 31 जुलाई 2026 तक जन्म लेने वाली 21 नवजात बालिकाओं के परिजनों ने 15 अगस्त के अवसर पर पौधे रोपे।
- इन पौधों की प्रारंभिक देखभाल और पोषण की पूरी जिम्मेदारी सामुदायिक भागीदारी के साथ बालिकाओं के परिवारों द्वारा ली गई है।
- इस दौरान ग्राम पंचायत में जन्मी प्रत्येक नवजात बालिका को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विधिक पहचान पत्र भी वितरित किए गए।

‘बेटी भी, पेड़ भी’ का संदेश और अतिथियों की मौजूदगी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश अरुण कुमार बेरीवाल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवनकाल में अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए और उन्हें नष्ट होने से बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि स्वस्थ प्राकृतिक पर्यावरण पर ही मानव जीवन निर्भर है।
इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में निम्नलिखित महानुभाव उपस्थित रहे:
- पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश अश्विनी कुमार यादव
- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश प्रताप सिंह मीना
- जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक पवन गुप्ता
- बाल कल्याण समिति सदस्य दिलीप मीना
- सरपंच सरस्वती देवी व सरपंच प्रतिनिधि प्रेमसिंह माली
- ग्राम विकास अधिकारी प्रियंका मीना, सहायक सचिव राजेश शर्मा तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के प्रतिनिधि

कार्यक्रम के अंत में डीएलएसए के सचिव प्रताप सिंह मीना ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।